बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को पटना के मगध महिला महाविद्यालय पुहंचे। यहां उन्होंने G+6 सांइस ब्लॉक और ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य का भूमि पूचन कर काम की शुरुआत कराई। इस दौरान CM ने वहां कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं ही समृद्ध बिहार की मजबूत नींव हैं। महिलाओं की उन्नति ही बिहार की प्रगति है। मगध महिला महाविद्यालय का यह निर्माण छात्राओं को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कॉलेज की छात्राओं से सीधा संवाद भी किया और उनकी आकांक्षाओं, सुझावों और शैक्षणिक जरूरतों को जाना।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों को बेहतर शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर देना जरूरी है। साइंस ब्लॉक बनने से छात्राओं को विज्ञान की पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे उन्हें उच्च शिक्षा, शोध और रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।

 

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मुख्यमंत्री ने छात्राओं से किया संवाद

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कहा कि आज की बेटियां शिक्षा के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। सरकार का प्रयास है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने छात्राओं से अपने लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करने में महिलाओं और बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बहनों का सम्मान, सरकार की पहचान के अनुरूप राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को निरंतर प्राथमिकता दे रही है।

 

छात्राओं ने बातचीत के दौरान अपनी समस्याएं और सुझाव भी मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बेझिझक अपनी बात बताएं। कॉलेज और पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों के बारे में जानकारी दें ताकि मगध महिला महाविद्यालय को और बेहतर बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने शोध कर रही छात्राओं से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि सरकार ने मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना शुरू की है। इसके तहत 1,000 छात्राओं को चार साल तक हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा बेटियां शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ें।

 

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211 डिग्री कॉलेज एक दिन में खुले

मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेजों में पढ़ाई के समय पुलिस दीदी की तैनाती की गई है, ताकि छात्राएं सुरक्षित माहौल में पढ़ सकें। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कॉलेज परिसर में बेटियों को किसी तरह की परेशानी हो। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए बिहार के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सरकार मदद दे रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, एक दिन में 211 डिग्री कॉलेज खोले गए हैं। इसके अलावा 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल शुरू किए गए हैं।

 

सीएम ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से आप ऑनलाइन अपनी समस्याएं और सुझाव दर्ज करा सकते हैं। आपकी समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर होगा। आपके सुझाव भी हमारे लिए उपयोगी होंगे। यहां की छात्राएं पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद, जिम सहित अन्य गतिविधियों में भाग लें और अपना सर्वांगीण विकास करें। हम चाहते हैं कि बिहार की बेटियां स्किल्ड हों, उच्च शिक्षा प्राप्त करें। बिहार की बेटियों में ऐसी योग्यता और आत्मविश्वास आए कि वे सिर्फ रोजगार प्राप्त करने वाली ही नहीं, बल्कि रोजगार प्रदान करने वाली बनें। यही समृद्ध बिहार की पहचान होगी।