उत्तर प्रदेश में साइबर ठग अब पुलिस अधिकारियों की पहचान का भी दुरुपयोग करने लगे हैं। गोरखपुर में एक बड़े व्यापारी को संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) केके बिश्नोई के नाम से बनाई गई फर्जी फेसबुक आईडी के जरिए ठगी का शिकार बनाने की कोशिश की गई। साइबर अपराधी ने पहले फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, फिर खुद को एसपी बताकर चैटिंग की और सेना के एक अधिकारी का फर्नीचर बेचने के नाम पर 85 हजार रुपये ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। व्यापारी की सतर्कता से पूरा फर्जीवाड़ा समय रहते पकड़ में आ गया।
जानकारी के मुताबिक, चेंबर ऑफ टेक्सटाइल के अध्यक्ष एवं व्यापारी राजेश निभानी को संभल एसपी केके बिश्नोई के नाम से बनी फेसबुक प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद मैसेंजर पर बातचीत शुरू हुई। चैट करने वाले ने खुद को एसपी बताते हुए कहा कि उनका एक मित्र, जो सेना में तैनात था, गोरखपुर से ट्रांसफर हो रहा है और वह अपना फर्नीचर व घरेलू सामान बेचना चाहता है।
कुछ देर बाद व्यापारी के मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने अपना नाम संतोष कुमार बताते हुए कहा कि ट्रांसफर के कारण वह अपना सामान बेचना चाहता है। उसने सोफा, फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान की तस्वीरें भेजीं और सौदा पक्का करने के लिए पहले ही 85 हजार रुपये बैंक खाते में जमा कराने की मांग कर दी।
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SP से बात होते ही खुला पूरा खेल
रकम एडवांस मांगने पर व्यापारी को शक हुआ। उन्होंने सीधे संभल एसपी केके बिश्नोई से संपर्क किया। एसपी ने स्पष्ट किया कि उनके नाम से चल रही फेसबुक आईडी फर्जी है और कोई साइबर अपराधी उसका गलत इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने तत्काल साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। मामले की जानकारी मिलते ही व्यापारी ने साइबर सेल में अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल का कहना है कि फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सतर्कता से टला बड़ा साइबर फ्रॉड
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर अपराधी अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सोशल मीडिया प्रोफाइल या फोन कॉल पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें और बिना पुष्टि के किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।


