बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक और झटका लगा है। पार्टी के पूर्व सांसद अर्जुन राय ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और अपना त्यागपत्र पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को भेज दिया है। अर्जुन राय ने इस्तीफा देने की वजह आरजेडी की कार्यशैली को बताया है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों की तारीफ की है और जल्द ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया है। इस फैसले से सीतामढ़ी और उत्तर बिहार की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अपने इस्तीफे में अर्जुन राय ने लिखा है कि आरजेडी की मौजूदा कार्यशैली और तौर-तरीके अब उन्हें ठीक नहीं लग रहे हैं। इसी वजह से वे इन परिस्थितियों में पार्टी के साथ काम करने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह साफ किया है कि उनका किसी भी नेता या कार्यकर्ता से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी में रहते हुए उन्हें जो सम्मान और अवसर मिले उसके लिए वह आभारी हैं लेकिन अब राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों की वजह से उन्हें अलग होना पड़ रहा है।
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पीएम मोदी की तारीफ
इस्तीफे के साथ ही अर्जुन राय ने नीतीश सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास के काम हो रहे हैं। खासकर सीतामढ़ी में परिसीमन, चुनाव प्रक्रिया में सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलावों को उन्होंने सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि सरकार सीतामढ़ी के विकास के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने देशहित के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रशंसा की और कहा कि पीएम मोदी द्वारा धारा 370 हटाने का फैसला देश की एकता और अखंडता के लिए जरूरी था।
आरजेडी के लिए एक और झटका
पिछले कुछ महीनों से आरजेडी लगातार नेताओं के इस्तीफे का सामना कर रही है और कई बड़े नेता पार्टी छोड़कर जा चुके हैं। अर्जुन राय का जाना आरजेडी के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव के समय इस तरह के इस्तीफे होते रहते हैं और इससे पार्टी कमजोर नहीं होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एक पूर्व सांसद का इस तरह पार्टी लाइन पर सवाल उठाकर जाना आरजेडी के लिए चिंता की बात है।
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अर्जुन राय सीतामढ़ी के बड़े नेता माने जाते हैं और ग्रामीण इलाकों में उनका जनाधार मजबूत है। उनके भाजपा में जाने से सीतामढ़ी लोकसभा और विधानसभा सीटों पर समीकरण बदल सकते हैं। भाजपा पहले से ही सीतामढ़ी को अपनी मजबूत सीट मानती है और अर्जुन राय के आने से पार्टी को वहां जमीनी कार्यकर्ता और वोट बैंक दोनों का फायदा मिलेगा। वहीं आरजेडी के लिए यह सीट बचाना अब और मुश्किल हो जाएगा और पार्टी को नए चेहरे की तलाश करनी होगी।
