भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद बृजभूषण शरण सिंह हाल ही में महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न केस में बरी हुए हैं। इस केस में बरी होने के बाद से ही वह इशारा कर रहे हैं कि इस पूरे केस के पीछे कई लोग लगे हुए हैं। अब शक्ति प्रदर्शन पर उतरे बृजभूषण सिंह ने कहा है कि उनके पास ऐसे 42 लोगों और संस्थानों की लिस्ट है जो इसमें शामिल थे। जब उनसे इन 42 लोगों का मकसद पूछा गया तो बृजभूषण ने कहा कि वे उन्हें जिंदा जला देना चाहते थे। गुरुवार को अयोध्या पहुंचे बृजभूषण सिंह के समर्थकों ने एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वह हनुमानगढ़ी गए। शाम को उन्होंने गोंडा में एक कार्यक्रम को संबोधित किया जिसमें उनके सैकड़ों समर्थक जुटे।
इसी केस की वजह से साल 2024 में बीजेपी ने उनका टिकट काटकर उनके दूसरे बेटे को मौका दिया था। केस में बरी होने के बाद बृजभूषण फिर से सांसदी पर दावा करने लगे हैं। अपने गृहनगर गोंडा पहुंचने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि वह सांसद बनना डिजर्व करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी विचार करेगी तो जनता उनको सांसद बना देगी। कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने कहा कि वह पार्टी से ऊपर नहीं हैं।
किस पर साजिश का आरोप लगा रहे बृजभूषण?
गोंडा में मीडिया से बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'यहां बड़ी संख्या में लोग आए हैं, उन्होंने मेरा स्वागत किया है और मुझे बल देने का काम किया है, उनका अभिनंदन है। मुझे ऐसा बताया गया जैसे मैंने किसी के साथ रेप किया हो। आरोप थे कि हमने मेडल पहनाते समय हमने उनको टच कर लिया और हमारा इरादा नहीं ठीक था। जब वे कुश्ती जीत गए तो हमने बधाई देते हुए उन्हें टच कर लिया। इसी तरह के आरोप थे लेकिन माहौल ऐसा बनाया गया कि जैसे मैं रेपिस्ट हूं, बलात्कारी हूं। उस जंग में आज की तरह ही लाखों लोग मेरे समर्थन में टूट पड़े।'
उन्होंने आगे कहा है, 'इसी जंग में विपक्षी पार्टियां भी टूट पड़ी थी। तमाम संगठन टूट पड़े थे। कुल मिलाकर 42 ऐसे लोगों की लिस्ट मेरे पास है- संगठन, पार्टी और व्यक्ति। 42 बड़े लोगों ने यह काम किया, इनमें कुछ उद्योगपति भी हैं। फाइनेंस करने के काम उद्योगपतियों ने किया है। उसके बावजूद मैं बाइज्जत बरी हुआ। ये लोग मुझे जिंदा जला देना चाहते थे, मांग हो रही थी कि पकड़कर जिंदा जला दो। मैं साफ कहना चाहता हूं कि उसके पास खुद की कोई विचारधारा नहीं है, उन्हें खुद पर विश्वास नहीं है, वे छिपकर वार करते हैं।'
बृजभूषण सिंह ने यह भी बताया कि इस केस में कुल 127 तारीखें पढ़ीं और तीन साल तक सुनवाई चली। उनका कहना है कि उन्होंने एक भी तारीख नहीं छोड़ी। गोंडा में हुई रैली के दौरान उन्होंने यौन उत्पीड़न से जुड़े कानूनों की समीक्षा की भी मांग कर डाली। बृजभूषण ने कहा कि इसके कारण कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और कई लोग तो आत्महत्या तक कर ले रहे हैं।
