झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षाओं के जरिये भर्ती सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति को रद्द करने वाली अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार से 15 दिनों में जवाब भी मांगा है।
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने जेएसएससी-सीजीएल और 2014 से टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) की सभी परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया था। सरकार ने 14वीं जेपीएससी और लंबित परीक्षाओं को भी कैंसिल कर दिया था। हालांकि सरकार के खिलाफ उन लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिन्होंने इन परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्ति हासिल की थी। हाई कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति को रद्द करने से जुड़ी अधिसूचना के अमल पर भी रोक लगा दी है।
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झारखंड सरकार ने टीडीपीएल के माध्यम से ली गई जिन 22 परीक्षाओं को कैंसिल किया, उनमें से चार परीक्षाओं सीजीएल परीक्षा, सीडीपीओ नियुक्ति परीक्षा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा और 11-13वीं सिविल सेवा परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति भी मिल चुकी है।
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बुधवार को झारखंड हाई कोर्ट में सरकार के फैसले के खिलाफ तीन अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गईं। याचिकाकर्ता अवधेश कुमार, सोनम कुमारी और अन्य ने सरकार के आदेश को रद्द करने की मांग की। उनका तर्क है कि झारखंड सरकार का आदेश असंवैधानिक है, क्योंकि बिना किसी जांच और नोटिस के भर्ती को रद्द कर दिया गया है।
