हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी अब बीजेपी पर उसी के पुराने हथियार से वार कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 2017 में बीजेपी की ओर से कांग्रेस सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सामने रखकर बीजेपी पर पलटवार कर रहे हैं। 2017 में जिन नेताओं पर बीजेपी ने आरोप लगाए थे अब उनके खिलाफ फिर से जांच शुरू हो सकती है और खास बात यह है कि इन में से ज्यादातर नेता बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में सीएम सुक्खू के लिए पुरानी चार्जशीट अब बीजेपी को घेरने का बड़ा राजनीतिक हथियार बन गई है।
दिसंबर 2016 में बीजेपी ने तत्कालीन वीरभद्र सिंह सरकार के खिलाफ 77 पन्नों की चार्जशीट राज्यपाल को सौंपी थी। इसमें मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह समेत करीब 41 लोगों पर भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। बीजेपी ने मांग की थी कि इन आरोपों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उस समय बीजेपी ने इस पर जमकर हंगामा किया था और करीब एक साल बाद हुए विधानसभा चुनाव में सरकार की विदाई भी हो गई थी।
अब खेला करेंगे सीएम सुक्खू
बीजेपी ने साल 2016 में इस चार्जशीट का कांग्रेस के खिलाफ इस्तेमाल किया था। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने भ्रष्टाचार को एक बड़ा मुद्दा बनाया था। करीब नौ साल बाद राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सुधीर शर्मा और राजेंद्र राणा जैसे नेता, जो उस समय कांग्रेस में थे, अब बीजेपी के साथ हैं। वहीं हर्ष महाजन भी बीजेपी के राज्यसभा सांसद हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू अब इसी बदली हुई राजनीतिक स्थिति को बीजेपी के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं। सुक्खू का तर्क है कि बीजेपी आज कांग्रेस सरकार के खिलाफ नई चार्जशीट तैयार कर रही है, लेकिन उसे पहले यह देखना चाहिए कि उसके अपने खेमे में ऐसे नेता मौजूद हैं, जिनका नाम पुराने राजनीतिक विवादों में सामने आता रहा है।
बीजेपी फिर से चार्जशीट के सहारे
दिलचस्प बात यह है कि जुलाई 2026 में बीजेपी ने भी सुक्खू सरकार के खिलाफ नई चार्जशीट तैयार करने के लिए कमेटी बना दी। बीजेपी का कहना है कि इस चार्जशीट में कांग्रेस सरकार की कथित नाकामियों, अधूरे वादों, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक फैसलों को जनता के सामने रखा जाएगा। कमेटी में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, जयराम ठाकुर, अनुराग ठाकुर, हर्ष महाजन, सुधीर शर्मा और राजेंद्र राणा समेत कई नेता शामिल हैं। इसके बाद से सीएम सुक्खू ने बीजेपी पर हमला करना शुरू कर दिया है।
सुधीर शर्मा पर FIR
इस सियासी लड़ाई के बीच धर्मशाला से बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने FIR दर्ज कर ली है। विजिलेंस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में उनकी संपत्ति और खर्च को उनकी इनकम सोर्स से मैच नहीं किया जा सका। इसके बाद विजिलेंस को इस मामले में विस्तृत जांच करवाने की जरूरत महसूस हुई है। अब बैंक खातों, निवेश, संपत्तियों और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। सुधीर शर्मा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। विजिलेंस ने उनसे आय, निवेश और संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज भी मांगे हैं। 18 अगस्त को वह जांच एजेंसी के सामने पेश भी हुए।
सुक्खू करेंगे बीजेपी पर वार
सीएम सुक्खू इस बार बीजेपी की रणनीति से उन्हीं पर वार करने का प्लान बना रहे हैं। सिर्फ पुरानी चार्जशीट ही नहीं, मुख्यमंत्री सुक्खू ने 2017 से 2022 तक की बीजेपी सरकार के कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक फैसलों पर व्हाइट पेपर लाने का भी ऐलान किया है। सरकार का कहना है कि दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर पिछली सरकार के कार्यकाल की स्थिति जनता के सामने रखी जाएगी। सुक्खू सरकार पुरानी फाइलें खोलकर बीजेपी को उसी के पुराने राजनीतिक हथियार से जवाब देने की कोशिश कर रही है। 2016 की रणनीति हिमाचल बीजेपी पर अब भारी पड़ती हुई नजर आ रही है।
