हिमाचल प्रदेश में सोमवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। सरकार ने एक साथ तीन आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। इस बदलाव में DIG संजीव कुमार गांधी की नई तैनाती से लेकर साइबर क्राइम की कमान अमित यादव को सौंपे जाने तक कई अहम फैसले शामिल हैं। इसके साथ ही सरकार ने हिमाचल प्रदेश पुलिस सर्विस
इस फेरबदल में 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी अमित यादव को SP साइबर क्राइम, CID शिमला की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि मयंक चौधरी को द्वितीय IRBN सकोह का कमांडेंट बनाया गया है। वहीं, 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार गांधी की सेवाएं कार्मिक विभाग को सौंपे जाने के बाद उनकी अगली भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
द्वितीय IRBN के कमांडेट में बदलाव
अमित यादव इससे पहले द्वितीय भारतीय रिजर्व बटालियन (IRBN), सकोह, जिला कांगड़ा में कमांडेंट के पद पर तैनात थे। अब उन्हें साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभालने के लिए CID शिमला में एसपी साइबर क्राइम की कमान सौंपी गई है। अमित यादव के बैच के आईपीएस अधिकारी मयंक चौधरी का भी तबादला किया गया है। वह अब तक पुलिस मुख्यालय शिमला में लीव रिजर्व के पद पर तैनात थे। सरकार ने उन्हें अमित यादव की जगह द्वितीय IRBN सकोह, जिला कांगड़ा का कमांडेंट नियुक्त किया है। इस तरह अमित यादव के स्थान पर अब मयंक चौधरी सकोह स्थित बटालियन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
संजीव कुमार को क्या जिम्मेदारी मिलेगी?
UPSC 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार गांधी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से कार्मिक विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार को सौंप दी गई हैं। संजीव गांधी इससे पहले DIG ट्रैफिक, टूरिस्ट एवं रेलवे के पद पर कार्यरत थे। संजीव गांधी की नई भूमिका को लेकर सचिवालय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। चर्चा है कि आने वाले दिनों में उन्हें किसी सरकारी उपक्रम में प्रबंध निदेशक (MD) की जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
पुलिस महकमे में हलचल
आईपीएस अधिकारियों के फेरबदल के साथ ही हिमाचल प्रदेश सरकार ने 54 एचपीएस अधिकारियों के भी तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। बड़े स्तर पर हुए इस पुलिस प्रशासनिक फेरबदल में एएसपी और डीएसपी रैंक के अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग जिलों और पुलिस इकाइयों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। अधिकारियों की तैनाती पुलिस मुख्यालय, सीआईडी, साइबर क्राइम, विजिलेंस, एएनटीएफ और भारतीय रिजर्व बटालियन समेत कई महत्वपूर्ण यूनिट्स में की गई है।
