हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के चलते बीती रात से कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड की कई घटनाएं सामने आई हैं जिससे लोग प्रभावित हुए हैं। जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण मंडी जिले में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे झलोगी के पास यातायात के लिए बंद हो गया है। वहीं, हाईवे के वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल होने वाला मंडी-कटौला मार्ग भी बंद हो गया है। इससे मंडी से कुल्लू-मनाली की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

 

राजधानी शिमला में भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। संजौली के सिमिट्री क्षेत्र में देर रात हुए भूस्खलन की चपेट में सड़क किनारे खड़ी एक स्कूटी और बाइक आ गईं। बताया जा रहा है कि दोनों वाहन मलबे में दब गए। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में मंगलवार के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों और वाहन चालकों से सावधानी बरतने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

 

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कुल्लू में स्कूल-कॉलेज बंद

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। कुल्लू में स्कूल-कॉलेज बंद रखने की घोषणा भी की गई है, जबकि खराब मौसम के मद्देनजर प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। स्थानीय स्तर पर कई जिलों में प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन लोगों से लगातार सतर्क रहने की अपील कर रहा है। 

16 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट

राज्य में मानसून के पुनः सक्रिय होने से कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 16 अगस्त तक राज्य में भारी बारिश का अनुमान जताया है। मंगलवार को बिलासपुर, कांगड़ा, सिरमौर, चम्बा, हमीरपुर, मंडी, शिमला और ऊना जिलों में एक दो जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

सोमवार को कहां-कहां हुई बारिश?

मौसम केंद्र शिमला के अनुसार, सोमवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई, जिसमें जुब्बड़हट्टी में 2.4, सुंदरनगर में 2.1, धर्मशाला व चंबा में 2-2, शिमला में 0.9, कुफरी में 0.5 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि राज्य के बाकी क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा। पिछले 24 घंटों में धर्मशाला में सर्वाधिक 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

बारिश के कारण भारी नुकसान

प्रदेश में शाम तक 106 सड़कें, 66 ट्रांसफार्मर और 19 पेयजल योजनाएं बाधित रहीं। कुल्लू में सबसे अधिक 40 सड़कें, जबकि मंडी में 38 सड़कें और 63 ट्रांसफार्मर बंद हैं, जिससे कई क्षेत्रों में अंधेरा छाया हुआ है। चमियाणा फोरलेन के पास लैंडस्लाइड से सड़क पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है, जिसे बहाल करने का काम जारी है।

 

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 30 जून से अब तक बारिश और हादसों में 155 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें सर्वाधिक 24 मौतें चंबा में और 21 कांगड़ा जिले में हुई हैं। हादसों में 256 लोग घायल और 2 लापता हैं। मानसून से अब तक प्रदेश को 835 करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।

 

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हवाई सेवा पर असर

खराब मौसम और बेहद कम दृश्यता के कारण एलायंस एयर की नई दिल्ली-शिमला हवाई सेवा प्रभावित हुई है। इसके अलावा विभिन्न रूटों पर हैलीकाप्टर सेवाएं भी ठप पड़ी हैं। हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। इस बीच शिमला एयरपोर्ट के आसपास धुंध छाए रहने के कारण नई दिल्ली-शिमला के बीच हवाई सेवा प्रभावित हुई है। यदि मौसम में सुधार हुआ, तो 12 अगस्त से दिल्ली-शिमला उड़ान सेवा के पुनः संचालित होने की उम्मीद है। मौसम विभाग और विमानन अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में अचानक बदलते मौसम का सबसे सीधा असर हवाई संचालन पर पड़ रहा है।

 

संजौली हैलीपोर्ट से हैलीकाप्टर सेवाओं के साथ-साथ भुंतर हवाई अड्डे के लिए भी उड़ानें सुरक्षा कारणों से फिलहाल रोक दी गई हैं। दिल्ली-शिमला-धर्मशाला मार्ग पर हवाई सेवाएं पुनः संचालित होना पूरी तरीके से मौसम की मिजाज पर निर्भर करता है। जानकारी के अनुसार, 12 अगस्त से शैड्यूल फिर से शुरू करने की योजना है, लेकिन अंतिम निर्णय एयरपोर्ट पर उपलब्ध रनवे विजिबिलिटी और वास्तविक मौसम की स्थिति पर ही निर्भर करेगा। यहां बता दें कि हवाई सेवाओं के सुरक्षित संचालन में कम से कम 5 किलोमीटर की दृश्यता अनिवार्य है। इसके अलावा हैलीकाप्टर संचालन के लिए न्यूनतम दृश्यता 1500 मीटर की आवश्यक होती है।