उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में अपराध की राह छोड़कर सामान्य जीवन जीने की ओर कदम बढ़ाने के लिए पुलिस ने अनोखी पहल की। पुलिस लाइन में एसएसपी के सामने 210 ऐसे अभियुक्तों ने अपराध से तौबा करने की शपथ ली, जो पहले अलग-अलग मामलों में जेल जा चुके हैं या जमानत पर बाहर हैं। सभी ने भरोसा दिलाया कि अब वे किसी अपराध में शामिल नहीं होंगे।

 

अपराधियों को सिर्फ जेल भेजना ही पुलिस का काम नहीं, बल्कि उन्हें सही राह दिखाना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत अलीगढ़ पुलिस ने संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इसके लिए ऐसे अभियुक्तों को घर से बुलाकर पुलिस लाइन लाया गया, जो पूर्व में आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। कार्यक्रम में एसएसपी ने अभियुक्तों से संवाद किया और उन्हें अपराध छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद सभी 210 अभियुक्तों ने अपराध न करने की शपथ ली।

 

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अपराधियों को सिर्फ जेल भेजना समाधान नहीं

एसएसपी ने कहा कि अपराधियों को केवल जेल भेजने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। अगर किसी व्यक्ति को अपराध की दुनिया से बाहर निकालकर सही रास्ता दिखाया जाए तो वह समाज के लिए उपयोगी बन सकता है। इसी उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया है। उन्होंने अभियुक्तों से कहा कि वे अपने पुराने रास्ते को छोड़कर परिवार और समाज के साथ सामान्य जीवन बिताएं। पुलिस की ओर से उन्हें यह भरोसा भी दिलाया गया कि यदि वे अपराध से दूर रहेंगे तो उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

जमानत पर बाहर आए 210 अभियुक्त भी हुए शामिल

पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में जमानत पर बाहर घूम रहे 210 अभियुक्तों को बुलाया गया। इनमें ऐसे लोग भी शामिल थे, जो पहले जेल जा चुके हैं। पुलिस ने उनके पुराने रिकॉर्ड खंगालकर ऐसे अभियुक्तों को चिह्नित किया, जो अब अपराध से दूरी बनाकर सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहे हैं। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा कि पिछले छह साल का पुलिस रिकॉर्ड खंगालकर उन अभियुक्तों की कुंडली तैयार कराई गई, जो जमानत पर बाहर आने के बाद अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे। इसके बाद ऐसे लोगों को चिन्हित कर पुलिस लाइन में बुलाया गया।

 

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दोबारा अपराध किया तो कार्रवाई तय

पुलिस ने साफ किया कि अपराध से तौबा करने की शपथ के बाद भी यदि कोई व्यक्ति दोबारा अपराध में शामिल होता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने सभी अभियुक्तों को चेतावनी दी कि किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल होकर वे अपने और परिवार के भविष्य को खराब न करें।एसएसपी ने कहा कि सभी 210 अभियुक्तों ने एक साथ हाथ उठाकर कसम ली कि वे आज के बाद कभी अपराध की दुनिया में कदम नहीं रखेंगे। उन्होंने अभियुक्तों को परिवार के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीने और बच्चों की बेहतर परवरिश करने की सलाह भी दी।