पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों के लिए 6 अक्तूबर को उपचुनाव होने हैं। इस चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अल्पसंख्यकों को चेतावनी दे डाली है। उन्होंने कहा है कि रेजीनगर और नंदीग्राम में अल्पसंख्यकों का टेस्ट है कि वे हमारे साथ हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिमों को यह दिखाना है कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दोस्त हैं या नहीं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि टेस्ट में देखा जाएगा कि आप फेल होते हैं या पास, उसके बाद आगे का काम होगा। अब इस बयान पर विपक्ष भड़क गया है। विधायक हुमायूं कबीर ने कहा शुभेंदु अधिकारी अब सांप्रदायिक नेता बन गए हैं। वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता जमीर मोल्ला ने कहा है कि शुभेंदु मुस्लिमों को धमकी दे रहे हैं।
उनके इसी बयान वाले वीडियो को बंगाल बीजेपी ने भी अपने X हैंडल पर शेयर किया है। इसमें वह बीजेपी के तमाम नेताओं के साथ हैं। मंच पर नंदीग्राम विधानसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार और शुभेंदु अधिकारी के पीए रहे चंद्रनाथ रथ की मां हसिरानी रथ भी थीं। इसी मंच से शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब नहीं बचेगी और ऋतब्रत बनर्जी वाली TMC ही बचेगी।
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क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?
हल्दिया में बीजेपी की एक रैली को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'जो हमें वोट नहीं देते और बीजेपी को सपोर्ट नहीं करते, उन अल्पसंख्यकों में से भी कुछ लोग आए हैं। मैं नंदीग्राम और रेजीनगर के अल्पसंख्यकों से अपील करना चाहता हूं कि आपके पास एक मौका आया है। आपको तय करना है कि आपको सरकार सके साथ रहना है या नहीं, आपको मुख्यमंत्री के साथ रहना है या नहीं। यह आपको तय करना है।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर आपको साथ रहना है, काम करवाना है, फायदे लेने हैं तो 6 अक्तूबर को आपका टेस्ट है। मैं आप लोगों पर छोड़ता हूं कि आप पास होंगे या फेल। बाकी उसके बाद देखा जाएगा।' बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह मुस्लिमों को साबित करना है कि वे बीजेपी के दोस्त हैं या नहीं। बता दें कि रेजीनगर में मुस्लिमों की आबादी 65 प्रतिशत और रेजीनगर में 26 प्रतिशत है।
भड़क गए विपक्षी नेता
उनके इस बयान पर हुमायूं कबीर ने कहा है, 'मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी सांप्रदायिक हो गए हैं। वह मुस्लिमों से वोट कैसे मांग सकते हैं जब वह धर्म के आधार पर फायदे देने से इनकार कर रहे हैं। जिलाधिकारियों से कहा जा रहा है कि अन्नपूर्णा योजना का लाभ मुस्लिम महिलाओं को न दिया जाए।'
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सीपीएम के नेता जमीर मोल्ला ने कहा है, 'वह मुस्लिमों का वोट कैसे मांग सकते हैं जब उनकी पार्टी खुलेआम कह चुकी है कि उसे मुस्लिमों का साथ नहीं चाहिए। उन्हें एहसास हो गया है कि उनकी गलत राजनीति के चलते बीजेपी को वोट नहीं मिलेंगे।' वहीं टीएमसी के प्रवक्ता कृषाणु मित्रा ने कहा, 'कोई चुनाव वोटर का टेस्ट नहीं होता, यह राजनीतिक दलों का टेस्ट होता है।'
बता दें कि नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी और रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के कारण खाली हुई है। इन दोनों सीटों पर 6 अक्तूबर को चुनाव होंगे और 9 अक्तूबर को नतीजे आएंगे।
