झारखंड में पिछले 24 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के आगे JMM सरकार झुक गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सोमवार को कैबिनेट बैठक में JSSC-CGL परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सोरेन ने TDPL एजेंसी के जरिए कराई गई JSSC CGL सहित सभी परीक्षाओं और उनके नतीजों को रद्द करने का एलान किया है।
राजधानी रांची में हेमंत सोरेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'इसके अलावा 2014 से परीक्षाओं में हुई सभी छोटी या बड़ी गलतियों की पूरी जांच की जाएगी। हम जल्द ही केंद्र सरकार द्वारा MMDR एक्ट में किए गए बदलावों पर चर्चा करने के लिए भी बैठक करेंगे। अगर ज़रूरी हुआ, तो हम इस खास मुद्दे पर बातचीत के लिए एक विधानसभा का विषेश सत्र भी बुला सकते हैं।'
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TDPL से जुड़ी हर चीज को रद्द किया
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, 'इस मुद्दे के सभी पहलुओं पर ध्यान देते हुए, हमने TDPL से जुड़ी हर चीज को रद्द करने का फैसला किया है, जिसमें आयोजित परीक्षाएं, जारी हुए नतीजे, चुने गए या भाग लेने वाले कैंडिडेट और TDPL द्वारा की जाने वाली दूसरी सभी गतिविधियां शामिल हैं।'
जांच के सिलसिले में CID की छापेमारी
इस बीच झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में सीआईडी ने सोमवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कार्यालय में छापेमारी शुरू की। प्रदर्शन कर रहे छात्र सितंबर 2024 में हुई जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे थे। छात्रों का दावा है कि 135 में से 120 प्रश्न लीक हुए थे।
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प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार और कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। राज्य की जांच एजेंसी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत 20 लोगों को गिरफ्तार किया है।
