उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे के फरार होने के बाद पुलिस महकमे में बड़ा एक्शन हुआ है। मामले की शुरुआती जांच में लापरवाही बरतने और एफआईआर दर्ज करने में देरी के आरोपों के बीच हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं, लखनऊ सेंट्रल के डीसीपी विक्रांत वीर को भी पद से हटाकर प्रतीक्षा सूची में भेज दिया गया है।
दूसरी ओर, फरार श्रद्धा दुबे और उसके चालक पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी गई है। शिवा शर्मा की मां की ओर से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच की मांग के बाद हुई इस कार्रवाई ने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
शिवा शर्मा की मौत और उसके बाद मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे के फरार होने के मामले में पुलिस की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसी बीच हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को हटाने का आदेश जारी किया गया। इसके कुछ ही घंटों बाद डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर पर भी कार्रवाई की गई। उन्हें पद से हटाकर प्रतीक्षा सूची में भेज दिया गया है।मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई और आरोपियों के फरार होने को लेकर उठे सवालों के बीच इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों को हटाने की कार्रवाई अपने आप में किसी आरोप की अंतिम पुष्टि नहीं है।
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शिवा की मां ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
मृतक शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना है कि 9 अक्टूबर की रात अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनके बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद वह शिकायत लेकर हजरतगंज कोतवाली पहुंची थीं। रंजना शर्मा का आरोप है कि उनकी एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल की गई और समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।
उनका दावा है कि शुरुआती स्तर पर पुलिस की ओर से तत्परता दिखाई जाती तो मामले की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और चालक को शहर छोड़कर भागने का मौका नहीं मिलता।शिवा की मां ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सात सूत्रीय मांग पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग भी की थी। परिवार की ओर से लगातार सवाल उठाए जाने के बीच पुलिस अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को इस प्रकरण में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
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श्रद्धा दुबे और चालक पर 50-50 हजार रुपये का इनाम
फरार चल रही श्रद्धा दुबे और उसके चालक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ा दी है। दोनों पर पहले 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था, जिसे बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया गया है।पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और तकनीकी सर्विलांस के साथ मुखबिर तंत्र की मदद ली जा रही है।
नेपाल सीमा की ओर आरोपियों के जाने की आशंका को लेकर भी तलाश किए जाने की जानकारी सामने आई है।डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने इससे पहले बताया था कि पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि अदालत में सरेंडर अर्जी दाखिल किए जाने की जानकारी मिली है। इस संबंध में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ किए जाने की बात भी कही गई थी।
सोशल मीडिया वीडियो में श्रद्धा ने खुद को बताया निर्दोष
इस बीच फरार मॉडल श्रद्धा दुबे का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में वह खुद को निर्दोष बताते हुए शिवा शर्मा की मौत को आत्महत्या करार देती है। उसका दावा है कि उसने अपनी आंखों से शिवा को अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगाते देखा था। श्रद्धा ने कहा कि केवल आरोप लगाए जाने से कोई व्यक्ति हत्यारा साबित नहीं हो जाता।श्रद्धा ने पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि नेपाल सीमा के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है, लेकिन उस अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं देखे जा रहे, जहां घटना हुई थी। उसके मुताबिक, इससे घटना की सच्चाई सामने आ सकती है।श्रद्धा ने यह भी दावा किया कि वह शिवा को करीब चार महीने से जानती थी और पिछले दो महीनों से ही उसका शिवा के फ्लैट पर आना-जाना था।
कर्ज और पारिवारिक विवाद का भी किया दावा
वीडियो में श्रद्धा दुबे ने शिवा शर्मा पर 16 से 17 लाख रुपये का कर्ज होने का दावा किया है। उसका कहना है कि कर्ज के कारण शिवा तनाव में रहता था और उसने उससे आर्थिक मदद भी मांगी थी। श्रद्धा ने यह भी आरोप लगाया कि शिवा कुछ समय पहले उसके घर से पांच से छह लाख रुपये के आभूषण ले गया था और उन्हें वापस करने का वादा किया था।
श्रद्धा के मुताबिक, शिवा की मां उसे पसंद नहीं करती थीं, क्योंकि वह शिवा से उम्र में एक-दो साल बड़ी थी। उसने घटना के बाद वहां से जाने की वजह बताते हुए सांस की बीमारी और अपने चालक के साथ मारपीट होने का दावा भी किया है। साथ ही, उसने किसी डायरी या कथित सिंडिकेट से संबंध होने से इनकार किया और अपनी बहन रश्मि को निर्दोष बताया।ये सभी दावे श्रद्धा की ओर से सामने आए हैं।
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जांच और गिरफ्तारी पर टिकी नजरें
शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत, श्रद्धा दुबे के फरार होने और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर उठे सवालों के बीच अब मामले में आगे की जांच और गिरफ्तारी पर सबकी नजरें टिकी हैं। पुलिस अधिकारियों पर हुई कार्रवाई के बाद उम्मीद की जा रही है कि आरोपियों की तलाश तेज होगी और मामले से जुड़े तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जाएगी।फिलहाल श्रद्धा दुबे और उसके चालक की गिरफ्तारी, घटना के समय की परिस्थितियों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच अहम है। पुलिस की जांच और अदालत में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिवा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी और इस मामले में किसकी क्या भूमिका रही।
