उत्तर प्रदेश के जिला लखनऊ में ऑनलाइन लूडो खेलने के दौरान हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गया। अलीगंज के पुरनिया पुल के नीचे शनिवार शाम शराब पीने और मोबाइल पर लूडो खेलने के दौरान दो साथियों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर मड़ियांव निवासी प्रदीप ने पास की दुकान से कैंची उठा ली और सीतापुर निवासी 32 वर्षीय राहुल अवस्थी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल राहुल को पहले अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद फरार हुए आरोपी प्रदीप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
सीतापुर के ग्राम गैरोली निवासी राहुल अवस्थी मड़ियांव इलाके में रहता था। शनिवार शाम वह पुरनिया पुल के नीचे अपने साथी मड़ियांव के नौबस्ता निवासी प्रदीप और कुछ अन्य लोगों के साथ मोबाइल पर ऑनलाइन लूडो खेल रहा था। इस दौरान सभी लोग शराब भी पी रहे थे। डीसीपी नॉर्थ अमित कुमार आनंद के मुताबिक, लूडो खेलने के दौरान किसी बात को लेकर राहुल और प्रदीप के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच मारपीट होने लगी। इसी दौरान प्रदीप अपना आपा खो बैठा और पास की दुकान से कैंची उठा लाया।
दुकान से कैंची उठाई और कर दिए कई वार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने कैंची से राहुल पर एक के बाद एक कई वार कर दिए। अचानक हुए हमले में राहुल गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। उसके शरीर से काफी खून निकलने लगा। राहुल को लहूलुहान हालत में देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। इस बीच लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।
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कंट्रोल रूम को मिली सूचना
यातायात नियंत्रण कक्ष को शाम करीब 5:51 बजे घटना की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही अलीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल राहुल को तत्काल वाघा अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने राहुल को बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुरनिया पुल के नीचे मच गई अफरातफरी
पुरनिया पुल के नीचे शाम के वक्त आमतौर पर काफी चहल-पहल रहती है। अचानक हुए खूनी संघर्ष और चीख-पुकार से इलाके में हड़कंप मच गया। कैंची से हमला होते ही आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वारदात के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
वारदात के तुरंत बाद पुरनिया चौराहे पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने सड़क पर लहूलुहान पड़े राहुल को देखा। वह तत्काल मौके पर पहुंचा और भीड़ को हटाते हुए स्थिति संभाली। ट्रैफिककर्मी ने बिना समय गंवाए कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।पुलिस ने घटना के आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब विवाद की असली वजह और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
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अस्पताल पहुंचाने में देरी का लगाया आरोप
राहुल के परिवार ने पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिजनों का दावा है कि वे राहुल को ऑटो से ट्रॉमा सेंटर लेकर गए, जिसके चलते अस्पताल पहुंचने में देरी हुई। परिवार का कहना है कि अगर राहुल को समय रहते ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने में पुलिस मदद करती तो शायद उसकी जान बच सकती थी। पुलिस अब मामले की जांच के साथ परिजनों के आरोपों को भी देख रही है।
