पंजाब के मानसा में कुछ दिनों परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से लोग उनके लिए न्याय की मांग करते हुए धरने पर बैठे हुए। इस बीच एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। युवक की मौत को नशे की ओवरडोज से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मामले में परविंदर झोटा इंसाफ मोर्चा के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी युवक का शव धरना स्थल की ओर ले जा रहे थे और इस दौरान पुलिस और लोगों के बीच टकराव हो गया। हालात संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और युवक का शव अपने कब्जे में ले लिया। इससे प्रदर्शनकारी भड़क गए और उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस शव छीनकर ले जा रही है।

 

मामला 27 अक्टूबर को सामने आया जब मृतक जीतू के परिवार ने दावा किया कि दलजीत सिंह की मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई है। पुलिस का कहना था कि यह नशे की ओवरडोज के कारण हुई मौत नहीं है बल्कि किसी ने उनकी हत्या की है। इसी बात से गुस्साए परिवार और परविंदर झोटा इंसाफ मोर्चे के सदस्यों ने शव को पहले से चल रहे मोर्चे पर लेकर जाने लगे और प्रदर्शन शुरू कर दिया था। 

 

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कौन था मृतक?

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान मानसा जिले के गांव भम्मे कलां निवासी करीब 35 साल के दलजीत सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतक अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला सदस्य था और उनकी शादी और दो बच्चे भी थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में अक्रोश फैल गया। परिवार और ग्रामीण शव को लेकर सिरसा-मानसा रोड पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि नशे की ओवरडोड के कारण दलजीत की मौत हुई है। उनकी मांग थी कि इलाके में नशा बेचने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

 

धरना स्थल पर लेकर जा रहे थे शव 

पंजाब के मानसा में परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए पहले से एक पक्का मोर्चा लगाकर लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से कई लोग इस धरना स्थल पर पहुंच चुके हैं। दलजीत की मौत के बाद प्रदर्शनकारी और परिजन उनके शव को उसी धरना स्थल पर ले जाने के लिए मानसा के त्रिकोणी चौक की ओर बढ़ने लगे। प्रदर्शनकारियों को बढ़ता देख पुलिस ने उनको रोकने की कोशिश शुरू कर दी। 

पुलिस ने किया लाठीचार्ज

प्रदर्शनकारी शव को अपने कब्जे में रखना चाहते थे और आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेने के लिए बल प्रयोग किया। सैंकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे और प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और लोग प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। 

 

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पुलिस ने क्या बताया?

इस मामले में पुलिस का कहना है कि युवक की मौत को केवल ड्रग ओवरडोज का मामला मानना सही नहीं है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में हत्या की आशंका को देखते हुए केस दर्ज किया गया है। मानसा के एसपी के हवाले से बताया गया है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि युवक का शव कार से फेंका गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में हत्या की धारा 302 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।