उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बीजेपी नेता की हत्या के बाद भारी बवाल मच गया है। गुस्साई भीड़ ने आरोपियों के घर में पथराव और आगजनी की। उधर, प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन भी शुरू कर दिया है। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है। पूरे गांव में तनाव का माहौल है। सोशल मीडिया पर हत्या के बाद आरोपियों के घरों पर हमले के कई वीडियो वायरल हैं। इसमें ट्रैक्टर, बाइक और घर में लगी आग दिख रही है। घर के अंदर भी सामान बिखरा पड़ा है।
कथित तौर पर दक्षिणपंथी समूहों ने आरोपियों के घरों पर पथराव किया और उनकी संपत्ति में तोड़फोड़ की। शनिवार रात गांव में प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी को तैनात किया गया था। खिड़की दरवाजे तोड़ दिए गए हैं। वहीं एक आरोपी के अवैध निर्माण पर प्रशासन ने भीड़ के सामने ही बुलडोजर से ढहा दिया। इस दौरान भीड़ 'जय श्री राम' के नारे लगाती रही।
यह भी पढ़ें: अब बंडी जैकेट होगी सेना की पहचान, अंग्रेजों की परंपरा छोड़ी; कई नियम भी किए सख्त
पुलिस के मुताबिक घटना सहसपुर थाने के बैरागीवाला गांव की है। यहां शनिवार को पानी के विवाद में बीजेपी नेता विनोद की निर्मम हत्या कर दी गई। परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों समेत 35 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पूरा गांव छावनी में तब्दील है।
लाठी-ठंडे और हथौड़े से किया हमला
पुलिस के मुताबिक शनिवार की शाम छह से साढ़े छह के बीच विनोद की गांव के ही रहने वाले इम्तियाज से खेत सिंचाई के मामले में बहस हुई। इसी बीच करीब 40 लोगों ने विनोद पर फावड़ा, हथौड़ा, लाठी-ठंडे से हमला कर दिया। भारी चोट लगने के कारण विनोद की मौके पर ही जान चली गई। आरोपियों ने भाई राजेश, अशोक और भाभी सुषमा को भी पीटा। दोनों का गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इनके खिलाफ नामजद एफआईआर
पुलिस ने अशोक की शिकायत पर पर रज्जाक, इम्तियाज, अमन, यूनुस, शाहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद और इंतजार के अलावा 30 से 35 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने कहा कि 'हमने हत्या के संबंध में मामला दर्ज किया है। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है।'
यह भी पढ़ें: AIIMS अस्पताल में नर्स ने लगाया गलत इंजेक्शन, 3 साल के बच्चे की हुई मौत
परिवार ने की एनकाउंटर की मांग
विनोद कुमार के पिता भागवत ने बताया कि मैं वहां नहीं था। असल में उस समय कोई लड़ाई नहीं हुई थी। पैसे को लेकर बातचीत एक दिन पहले हुई थी। उस लड़के के पास 14,000 रुपये थे। उसने शायद कल पैसे मांगे होंगे। जब उसने आज पैसे दिए तो उसकी हत्या कर दी गई। वहां भीड़ जमा थी। इम्तियाज ने झगड़े को भड़काया। अगर पुलिस इम्तियाज और रज्जाक का एनकाउंटर नहीं करती है तो हम शव को यहां से नहीं ले जाने देंगे।
