मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी की पिटाई के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। मेरठ के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आईपीएस अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति ने इस मामले में इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित कुमार ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और सिविल लाइन थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ ने उनके साथ मारपीट की, उन्हें थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया।

 

इस मामले में अविनाश पांडेय को मेरठ एसएसपी के पद से हटाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात बीबीजीटीएस मूर्ति को अब मेरठ की कमान सौंप दी गई है।

 

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अखिलेश गौड़ सहित 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाइन हाजिर होने वालों में निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़, उपनिरीक्षक मुलायम सिंह, हेड कांस्टेबल हरि ओम, कांस्टेबल मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल श्याम बाबू, कांस्टेबल सुमित कुमार, महिला कांस्टेबल नीलम लौर और चालक ललित कुमार शामिल हैं। अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन भानु भास्कर के आदेश पर प्रकरण की जांच कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।

क्या है मामला? 

बता दें कि मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में हुए प्रदर्शन के सिलसिले में किसान नेता डॉ. दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव ने आरोप लगाया था कि 19 अगस्त को तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय से मुलाकात के दौरान उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। 

दिग्विजय भाटी ने बताया था कि एसएसपी के कमरे में कथित पिटाई के बाद उन्हें सिविल लाइंस थाना प्रभारी के माध्यम से एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां उनके हाथ-पैर बांधकर डंडों से पीटा गया। इतना ही नहीं, जबरन डांस करने पर मजबूर किया गया। दिग्विजय भाटी ने पुलिसकर्मियों पर अमानवीय व्यवहार करने और धमकी देने का भी आरोप लगाया था।