मेरठ में 20 साल की दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या का मामले पर विवाद गहरा गया है। 8 जुलाई को ललिता के लिए न्याय मांगने के लिए कमिश्नरी पार्क और कलेक्टरेट गेट पर प्रदर्शन के दौरान मेरठ के SSP अविनाश पांडे ने एक प्रदर्शनकारी को कई थप्पड़ मार दिए थे। इस घटनाक्रम के बाद प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारना भी विवाद बन गया है। इसी सिलसिले में एसएसपी अविनाश पांडेय के विरोध में कई सामाजिक संगठन, वकील संगठन और विपक्षी पार्टियां आ गई हैं।
हालांकि, शुक्रवार को मेरठ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अविनाश पांडेय ने खुलकर अपने समर्थकों और विरोधियों को लेकर जवाब दिया। उन्होंने अपने समर्थकों से एक और विरोधियों सो दो पेड़ लगाने का आग्रह किया।
अविनाश पांडे ने क्या कहा?
उन्होंने कहा, 'जो भी लोग विरोध में हैं मैं उनसे अपील करता हूं कि भारता का संविधान किसी जाति को लेकर नहीं चलता है। एक्शन जिन भी लोगों पर हुआ है वह अपराधियों पर हुआ है। जो कार्रवाई की गई है, उसके साक्ष्य पुलिस के पास हैं। जो लोग मेरे सपोर्ट में हैं, वो एक पेड़ लगाएं। जो लोग मेरे विरोध में हैं, वो दो पेड़ लगाएं।'
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फोन करने वाले ने क्या कहा?
मामले में अविनाश पांडेय को फोन पर धमकी मिली है, जिसका ऑडियो वायरल हो गया है। वायरल ऑडियो में कॉल करने वाला खुद को वकील नरेंद्र चौधरी बता रहा है। उसने एसएसपी अविनाश पांडेय के पीआरओ इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी से बात करते हुए कहा कि उसकी अविनाश पांडे से अकेले में मुलाकात करावा दो। बातचीत के दौरान कॉलर ने कहा कि उसे एसएसपी के साथ उसी तरह गाड़ी में बंद कर दिया जाए, जैसे वायरल वीडियो में दिखाई दिया था। इस पर पीआरओ ने उससे पूछा कि क्या वह धमकी दे रहा है. जवाब में कॉलर ने कहा कि वह सिर्फ यह सवाल उठा रहा है कि एक वकील को थप्पड़ कैसे मारा गया।
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मामला क्या है?
बता दें कि ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुआ था। इसी प्रदर्शन के दौरान अविनाश पांडे ने प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मार दिए थे। इस दौरान कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें एसएसपी भीड़ के बीच लोगों को थप्पड़ मारते दिखाई दिए। इसके बाद एक और वीडियो सामने आया, जिसमें एसएसपी पुलिस की कैदी वैन में हिरासत में लिए गए रवि गौतम को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
