मुंबई पुलिस ने 27 वर्षीय बांग्लादेशी महिला को कथित तौर पर बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है। महिला की पहचान नादिरा सुल्ताना के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसे जुलाई 2026 में भारत से बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया था। आरोप है कि इसके बाद वह अवैध रास्ते से दोबारा भारत में दाखिल हुई और मुंबई पहुंच गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने भारत में दोबारा प्रवेश कैसे किया और क्या किसी ने उसकी मदद की थी।

 

15 अगस्त को गामदेवी पुलिस थाने को गिरगांव चौपाटी के पास फुटपाथ इलाके में एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला के घूमने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बताए गए हुलिए से मिलती-जुलती महिला को रोका। पूछताछ के दौरान वह अपनी पहचान और पते को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। इसके बाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने ले गई।

 

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पूछताछ में सामने आई महिला की जानकारी

पुलिस के अनुसार, महिला ने शूरुआत में नवी मुंबई के कोपरखैने का पता बताया था। जब उससे भारतीय नागरिकता से जुड़े दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सकी। पूछताछ में उसने कथित तौर पर खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताया। पुलिस के मुताबिक, महिला ने बताया कि उसे जुलाई में गोवंडी पुलिस ने भारत से बांग्लादेश भेज दिया था।

 

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पुलिस के अनुसार, बांग्लादेशी लौटने के कुछ समय बाद महिला कथित तौर पर जंगल के रास्ते से दोबारा भारत में दाखिल हुई और मुंबई पहुंची। पूछताछ में उसने अपना नाम नादिरा सुल्ताना, पिता का नाम शाहिद फकीर और मां का नाम रीना बेगम बताया। उसने बांग्लादेश में अपना पता गोपालगंज जिले के केकरिया गांव का बताया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है भारत दोबारा प्रवेश करने में किसी ने उसकी मदद की थी या नहीं।