मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित नरवर किले से सिंधिया रियासत की 400 साल पुरानी तोप चोरी हो गई, इस तोप का वजन करीब 3500 किलो था। इंटरनेशनल एंटीक ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 3 से 5 करोड़ रुपए के आसपास बताई जा रही है। किले में ऐसी कुल 14 ऐतिहासिक तोपें थीं, अब 13 बची हैं। चोरों ने पूरी प्लानिंग के साथ इस वारदात को अंजाम दिया है।

 

10 दिन पहले भी तोप को चुराने की कोशिश हुई थी, तब चोरों ने इसी तोप को उसके मूल स्थान से नीचे गिरा दिया था। वजन ज्यादा होने के कारण उसे वहां से ले नहीं जा सके। सुरक्षा गार्डों ने नरवर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। तोप चोरी के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।  

 

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पूरी प्लानिंग के साथ तोप चुरा ले गए बदमाश

मिली जानकारी के मुताबिक, घटना वाली रात किले में सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात नहीं थे, उन्होंने इसी लापरवाही का फायदा उठाया। वह अपने साथ लोडिंग गाड़ियां भी लेकर आए थे। उन्होंने पहले तोप को गद्दों में लपेटा, बाद में बैरिंग लगी लोहे की ट्रॉली की मदद से करीब 3 हजार फीट नीचे उतारा। लोडिंग गाड़ी में तोप को लादकर वहां से फरार हो गए। यह घटना 15 जुलाई की रात की है। 

 

किले के बाहर हैवी गाड़ियों के टायर के निशान देखे गए हैं। घटनास्थल से गद्दे, रजाई, लोहे के पाइप भी मिले हैं। शक जताया जा रहा है कि इंटरनेशनल एंटीक ब्लैक मार्केट से जुड़े लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। बता दें कि यहां रखी गई सभी तोपें पीतल, तांबा, कांसा और अष्टधातु जैसी मिश्रित धातुओं से बनी हैं।  इंटरनेशनल एंटीक ब्लैक मार्केट में इनकी कीमत करोड़ों में है। 

 

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ड्यूटी छोड़कर घर चले गए थे गार्ड 

नरवर किले की सुरक्षा के लिए कुल 6 गार्ड तैनात किए गए हैं। इनमें से 4 दिन में और 2 रात में किले की रखवाली करते हैं। लेकिन घटना वाली रात दोनों ही गार्ड ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे। इनमें से एक ने बताया, 'किले पर रात में रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है। वहां न तो टॉर्च उपलब्ध है और न ही सुरक्षा संसाधन, इसलिए वह रात में अपने घर चला गया था।' 

दूसरे गार्ड ने भी यह स्वीकार कर लिया है कि घटना के समय वह ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। उसने यह भी स्वीकार किया है कि हथियारबंद बदमाशों द्वारा लूट की जो कहानी पुलिस को बताई गई थी, वह झूठी थी। 

पुलिस और पुरातत्व विभाग की टीम कर रही है जांच

पुलिस और पुरातत्व विभाग की टीमें जांच में जुट गई हैं। राज्य पुरातत्व विभाग के डिप्टी डायरेक्टर तरुण कुमार महोबिया के मुताबिक, ऐतिहासिक तोप चोरी होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। वहीं इस घटना पर  नरवर थाना प्रभारी विनय यादव ने बताया, 'जांच में सुरक्षा गार्डों की लापरवाही सामने आई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश जारी है।