उत्तराखंड के पौड़ी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और पूर्व विधायक यशपाल बेनाम ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है। यशपाल बेनाम 8 साल से बीजेपी में थे और वह पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष भी रह चुके हैं। यशपाल बेनाम ने कहा कि इन 8 सालों में मैंने बीजेपी का आदेश माना लेकिन अब नहीं। उन्होंने कहा कि मेरा जिंदगी जीने का स्टाइल अलग है, राजनीति का स्टाइल अलग है। उन्होंने एक कविता गाकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। 

 

पौड़ी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यशपाल बेनाम ने अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। उन्होंने कहा यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। वह अपने अगले कदम के बारे में जल्द बड़ी घोषणा करेंगे। यशपाल बेनाम के इस्तीफे के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। 

 

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यशपाल बेनाम ने क्या कहा?  

18 अक्टूबर को ही आठ साल पहले यशपाल बीजेपी में शामिल हुए थे और इसी तारीख को आठ साल बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई नेताओं ने उन्हें समझने की कोशिश नहीं की और उनकी क्षमताओं का पार्टी में सही इस्तेमाल नहीं हो रहा था। इस वजह से वह बीजेपी में खुद को असहज महसूस कर रहे थे। 

 

उन्होंने कहा कि आप जानते हैं, मेरा जिंदगी जीने का स्टाइल अलग है, मेरा राजनीति का स्टाइल अलग है। उन्होंने एक कविता 'ये जश्न, ये खुशियां, ये मेले रहने दो, मुझे बख्श दो लोगों मुझे अकेले रहने दो।' गाते हुए खुद की भारतीय जनता पार्टी से अलग कर लिया।  

कौन हैं यशपाल बेनाम?   

यशपाल बेनाम पौड़ी नगर पालिका के तीन बार अध्यक्ष रहे। 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में यशपाल बेनाम ने पौड़ी विधानसभा का चुनाव बतौर निर्दलीय प्रत्याशी जीता था, उन्होंने तत्कालीन शिक्षा मंत्री नरेंद्र सिंह भंडारी और भाजपा के वरिष्ठ नेता तीरथ सिंह रावत को चुनावी मैदान में हरा दिया था। इसके बाद यशपाल बेनाम 2018 में नगर पालिका के चुनाव में बीजेपी के टिकट पर लड़े और जीत गए थे।