पंजाब विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है और इस सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। पिछले कुछ महीनों में पंजाब की राजनीति में आए परिवर्तनों की झलक भी इस सत्र में देखने को मिलेगी। इसके साथ ही जानकारों का मानना है कि यह सत्र आम आदमी पार्टी के लिए काफी मुश्किलों से भरा रहेगी क्योंकि विपक्ष कानून व्यवस्था, पुलिस की कार्रवाई, नशा, पेपर लीक और बढ़ते कर्ज को लेकर पंजाब सरकार को घेरने की तैयारी में है। इसके साथ ही बेअदबी कानून पर भी भगवंत मान की सरकार बैकफुट पर है। 

 

10 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में हंगामे के आसार हैं। इस सत्र के शेड्यूल के अनुसार, पहले दिन की शुरुआत में दिवंगत नेताओं और अन्य हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सरकारी काम होगा। कल 4 अगस्त को सरकार अपने विधेयक और अन्य प्रस्ताव सदन में पेश करेगी। 5 अगस्त को इन पर चर्चा होगी और 6 अगस्त को गैर सरकारी काम होंगे। विधायक निजी सदस्य के रूप में अपने प्रस्ताव रख सकेंगे। 7 अगस्त को फिर से विधेयी काम होगा और 8 और 9 अगस्त की छुट्टी रहेगी। इसके बाद 10 अगस्त को अंतिम दिन सदन में विधायी काम होगा और फिर सदन स्थगित कर दिया जाएगा। 

 

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किन मु्द्दों पर घिरेगी सरकार?

आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए यह सत्र काफी मुश्किल भरा रहने के आसार हैं। आम आदमी पार्टी की सराकर इन दिनों पेपर लीक के मुद्दे पर बैकफुट पर नजर आ रही है। नीट पेपर लीक विवाद में आम आदमी पार्टी ने मुखर होकर आवाज उठाई थी और अब फार्मेसी पेपर लीक समेत कई अन्य पेपरों में हुई गड़बड़ी को लेकर राज्य सरकार घिर गई है। विपक्ष भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।

 

पेपर लीक के अलावा दूसरा बड़ा मुद्दा बेअदबी कानून का है। इस कानून को आम आदमी पार्टी सराकर ने बड़े जोर-शोर के साथ विधानसभा में और राज्य की जनता के बीच रखा था लेकिन श्री अकाल तख्त के विरोध के बाद इस मुद्दे पर सरकार बैकफुट पर है। इसके अलावा वीडियो विवाद के चलते सीएम को अकाल तख्त ने गुरु दोखी घोषित कर दिया है। ऐसे में इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।

 

कानून व्यवस्था को लेकर पंजाब में सरकार लगातार फंसती हुई नजर आ रही है। राज्य में आए दिन खराब कानून व्यवस्था की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसको लेकर विपक्ष सरकार पर जमकर हमला बोलने वाला है। 

 

20 जुलाई 2026 को बरनाला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई सेवकों पर पुलिस कार्रवाई हुई थी। इस लाठीचार्ज में कई कर्मचारी घायल हुए थे जिसके बाद से भगवंत मान सरकार का विरोध हो रहा है। इस मुद्दे की गूंज अब सदन में सुनाई दे सकती है। राज्यभर में इस मुद्दे पर सरकार का जमकर विरोध हो रहा है और तमाम दल इस मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे। 

 

राज्य सकार लगातार कर्ज ले रही है। इस मुद्दे पर भी विपक्ष सरकार को घेरनी की कोशिश करेगा। इसके अलावा किसानों के मुद्दे और नशे के मुद्दे पर पंजाब सरकार को विपक्ष आड़े हाथों लेने वाला है। 

 

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सरकार की अग्नि परीक्षा

आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए यह सत्र किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। 2022 में सरकार बनने के बाद से अब तक के सबसे मुश्किल सत्रों में से इस सत्र को माना जा रहा है क्योंकि सरकार सदन के बाहर ही विपक्ष के निशाने पर है। ऐसे में सदन के अंदर भी हंगामे के पूरे आसार हैं। पेपर लीक और लाठीचार्ज जैसे मु्द्दों पर हंगामा तय माना जा रहा है। अगले साल की शुरुआत में पंजाब में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। ऐसे में सरकार को घेरने में विपक्ष कोई कसर नहीं छोड़ेगा।