पंजाब के होशियारपुर जिले के टांडा पुलिस स्टेशन में तैनात इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका में रह रहे एक भारतीय परिवार से 4 लाख डॉलर यानी करीब 4 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। यह मामला गैंगस्टर जगू भगवानपुरिया के गैंग से जुड़ा है। अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने अपनी जांच में नागरा का नाम आने के बाद यह बड़ा खुलासा किया है।
जांच के मुताबिक, 13 अप्रैल 2026 को अमेरिका में रह रहे एक पूर्व पुलिस अधिकारी चरणजीत सिंह के परिवार को धमकी मिली थी। इंस्पेक्टर नागरा ने फोन करके कहा कि अगर उन्हें 4 लाख डॉलर नहीं दिए गए तो वह उनके पूरे परिवार को पंजाब में हुई एक हत्या के केस में फंसा देंगे। यह हत्या 15 जनवरी 2026 को टांडा के मियानी गांव में हुई थी जिसमें आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बलविंदर सिंह की मौत हो गई थी। नागरा ही इस केस की जांच कर रहे थे और उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि अमेरिका में रह रहे चरणजीत सिंह ने अपनी बेटी के शादी के विवाद के कारण यह हत्या करवाई थी।
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गैंगस्टर का नेटवर्क
पुलिस ने बताया है कि यह वसूली का काम गैंगस्टर जगू भगवानपुरिया के गैंग के साथ मिलकर किया जा रहा था। एफबीआई की 44 पन्नों की रिपोर्ट में बताया गया है कि गैंग के लोग अमेरिका में परिवार के बारे में जानकारी जुटाते थे और उसे भारत में नागरा जैसे अधिकारियों को देते थे। नागरा ने इस जानकारी का गलत फायदा उठाया और परिवार को डराया। वह पुलिस के पद का इस्तेमाल करके इस गैंग को मदद पहुंचा रहे थे और पैसे वसूलने के लिए उन्हें डरा रहे थे।
जब मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आया और अमेरिकी अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट दी, तो पंजाब पुलिस ने भी तुरंत जांच शुरू की। डीआईजी जालंधर रेंज नवीन सिंगला ने जांच में सबूत, पैसों के लेन-देन और गवाहों के बयान सही पाए गए। उनके ऊपर करीब 16 लाख रुपये की अवैध कमाई करने का भी आरोप है। सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और जबरन वसूली की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
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आगे की कानूनी कार्रवाई
फिलहाल नागरा पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि इस वसूली के खेल में और कौन-कौन से पुलिस वाले या अपराधी शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारी भी इस मामले को लेकर काफी सख्त हैं और वे नागरा को अमेरिका बुलाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रहे हैं। यह केस पुलिस की काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े करता है, एक पुलिस अधिकारी ही अपराधियों के साथ मिलकर अपराध में शामिल हो गया था।
