श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब नए चरण में प्रवेश कर गई है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की नई विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के स्पष्ट संकेत दिए। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अदालत के सुझाव पर सहमति जताते हुए नई एसआईटी के गठन के लिए तैयार होने की बात कही। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही मामले का राजनीतिकरण करने से बचने की नसीहत दी और अगली सुनवाई 27 जुलाई को तय कर दी। माना जा रहा है कि अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच और तेज होगी और कई नए पहलुओं से पर्दा उठ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की नई एसआईटी गठित की जानी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि वर्तमान में जांच कर रहे अधिकारियों को भी नई टीम का हिस्सा बनाया जा सकता है, ताकि अब तक हुई जांच का अनुभव नई टीम के काम आए और जांच प्रभावित न हो।कोर्ट ने साफ संकेत दिए कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़नी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
यूपी सरकार ने कोर्ट को दी स्टेटस रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में जांच कराई है और उसकी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई और अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है लेकिन इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए सभी जानकारियां सार्वजनिक रूप से साझा करना उचित नहीं होगा।
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सरकार नई SIT के गठन को तैयार
सुनवाई के दौरान जब सुप्रीम कोर्ट ने नई एसआईटी गठित करने का सुझाव दिया तो उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पर सहमति जताई। सरकार की ओर से अदालत को भरोसा दिलाया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों की नई जांच टीम गठित करने में कोई आपत्ति नहीं है और कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
इससे साफ है कि आने वाले दिनों में जांच की कमान और अधिक वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ में जा सकती है, जिससे पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल होगी।
राजनीतिक बयानबाजी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को यह भी नसीहत दी कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि यह आर्थिक अनियमितताओं और कथित चोरी से जुड़ा मामला है और जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि किसी भी तरह की राजनीतिक टिप्पणी या दबाव जांच को प्रभावित नहीं करना चाहिए।
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27 जुलाई को फिर होगी अहम सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है। उस दिन नई एसआईटी के गठन, उसकी संरचना, जांच की प्रगति और अब तक की कार्रवाई पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में जांच को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश सामने आ सकते हैं। जिम्मेदारी भी पहले से अधिक बढ़ गई है।
