मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में बिहार की राष्ट्रीय राजमार्ग और NHAI की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। करीब दो घंटे चली बैठक में बिहार में चल रही बड़ी सड़क परियोजनाओं की एक-एक कर जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने और काम में आ रही समस्याओं को जल्द दूर करने पर जोर दिया।
बैठक में पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर विशेष चर्चा हुई। यह बिहार का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा और इससे पटना से पूर्णिया का सफर करीब 5 घंटे में पूरा होगा। गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेनिंग, डुमरिया घाट पुल, दरभंगा-सुपौल हाईवे, खगड़िया-पूर्णिया और मुजफ्फरपुर-सोनबरसा सड़क की प्रगति की भी समीक्षा की गई। NH-22 और NH-31 के अनीसाबाद-दीदारगंज खंड में सर्विस रोड के साथ 6 लेन एलिवेटेड रोड बनाने पर भी चर्चा हुई।
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दानापुर-बिहटा कॉरिडोर, बिहटा-कोइलवर अपग्रेडेशन, 6 लेन ग्रीनफील्ड वाराणसी-रांची-कोलकाता हाईवे, आमस-दरभंगा, मुंगेर-मिर्जाचौकी, बाकरपुर-मानिकपुर-साहेबगंज कॉरिडोर, सीवान-मशरख, पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर, 6 लेन गंगा ब्रिज, पटना रिंग रोड सहित प्रमुख परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित क्षेत्रों में सड़क संपर्क, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। जमीन अधिग्रहण में आ रही समस्याओं को जल्द दूर करने के लिए मुख्य सचिव और जिला अधिकारियों को निर्देश दिया गया। इस दौरान औरंगाबाद और अंबा बाईपास के साथ NH-139 को फोरलेन बनाने तथा NH-333 के बरियारपुर-गंगटा-जमुई को फोरलेन करने के लिए DPR बनाने का निर्देश दिया गया।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर जोर
बैठक में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। परियोजनाओं की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। तय मानकों के अनुसार काम नहीं करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गडकरी ने कहा, 'सड़क निर्माण में गुणवत्ता सबसे जरूरी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।'
सड़क निर्माण में नदी की गाद (सिल्ट) के इस्तेमाल को लेकर बिहार सरकार की बनाई नीति की केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सराहना की। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा, 'बिहार की यह नीति पूरे देश के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है। इस नीति से सड़क निर्माण में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और निर्माण कार्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।' बिहार सरकार ने नदियों की गाद को सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने की नीति बनाई है जिससे नदियों की सफाई भी होगी और सड़क निर्माण की लागत कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा, 'परियोजनाओं को तय समय सीमा के अंदर पूरा करें। बिहार में सड़क परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार पूरी मदद कर रही है और आगे भी करती रहेगी।' बिहार में सड़कों का नेटवर्क मजबूत होने से उद्योग, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बिहार की गाद नीति को दूसरे राज्य भी अपना सकते हैं। यह नीति पर्यावरण और विकास दोनों के लिए अच्छी है।
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परियोजनाओं से बढ़ेगा आवागमन
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित क्षेत्रों में सड़क संपर्क, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। बिहार सरकार राज्य में आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के बेहतर तरीके से पूरा होने से राज्य में आवागमन आसान होगा और व्यापार, पर्यटन, उद्योग और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बिहार में केंद्र सरकार की परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह सहित केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
