महाराष्ट्र के नांदेड जिले से एक खौफनाक घटना सामने आई है। यहां एक शिक्षक ने अपने दो बच्चों के साथ अपनी कार पुल से गोदावरी नदी में कूदा दी। डूबने से तीनों की जान चली गई। यह कदम उठाने से पहले शिक्षक ने व्हाट्सएप पर एक स्टेटस लगाया था। इसमें उसने अपने अधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद कार को नदी से निकाला। उसने तीनों के शव मिले हैं। मृतक शिक्षक की पहचान सुनील मोरे (42) के तौर पर हुई है। वहीं बच्चों की पहचान 12 वर्षीय बेटी सारा और आठ वर्षीय बेटे सुमित के रूप में हुई है।
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पुलिस को आशंका है कि सुनील मोरे ने अपने बच्चों के साथ आत्महत्या की है और जानबूझकर अपनी कार को नदी में गिरा दिया। पुलिस के मुताबिक सुनील हिमायतनगर के पोटा बुद्रुक जिला परिषद स्कूल में शिक्षक था। खौफनाक कदम उठाने से पहले उसने व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाया था कि वरिष्ठ अधिकारी उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं और वह अपने दो बच्चों के साथ खुदकुशी कर लेगा।
डूबने से तीनों की गई जान
पुलिस ने बताया कि सुनील मोरे सुबह आठ बजे अमदुरा-पुनेगाव मार्ग पर स्थित पुल पर पहुंचे। कार में उसके साथ बेटा सुमित और बेटी सारा भी थी। इसी दौरान उसने अपनी कार से पुल पर बनी धातु की रेलिंग को तोड़ दिया और कार को नदी में गिरा दिया। नदी में डूबने से तीनों लोगों की जान चली गई।
तीन घंटे बाद निकाले गए शव
अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय लोगों से एसडीआरएफ और पुलिस को सूचना मिली। इसके बाद टीमें मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद कार को नदी से निकाला गया तो उसमें शिक्षक सुनील मोरे और उनके बेटा-बेटी की लाश मिली। घटना के वक्त शिक्षक की पत्नी घर पर थी। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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सभी दरवाजे बंद करके नदी में गिराई कार
लोकमत की रिपोर्ट के मुताबिक शिक्षक ने तत्कालीन हाडगांव समूह शिक्षा अधिकारी किसान फोले, विस्तार अधिकारी सूर्यकांत बछे, केंद्र प्रमुख शिवाजी कदम, सह-शिक्षक दत्ता पावले पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
स्कूल छोड़ने के बहाने घर से निकला
शिक्षक ने सभी दरवाजे बंद करने के बाद कार को नदी में कुदाई थी। वहीं महाराष्ट्र टाइम्स की खबर के अनुसार पिछले कुछ वर्षों से सुनील मोरे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सांगवी गोपालनगर के एक अपार्टमेंट में रहते थे। शुक्रवार सुबह वे बच्चों को स्कूल छोड़ने के बहाने घर से निकले थे।
