दिवाली पर घर लौटने की तैयारी कर रहे हिमाचल प्रदेश के हजारों लोगों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली, चंडीगढ़ और बद्दी में नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के सिलसिले में रह रहे हिमाचलियों को त्योहार पर अपने घर पहुंचाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने 266 अतिरिक्त बस सेवाएं चलाने का फैसला लिया है। ये बसें 6 और 7 नवंबर को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना होंगी।

त्योहार पर घर लौटने की खुशी के बीच सबसे बड़ी चिंता अक्सर बसों में सीट मिलने, लंबी वेटिंग और भीड़ के बीच सफर करने की रहती है। खासकर उन लोगों के लिए जो नौकरी से छुट्टी लेकर सीमित समय में अपने घर पहुंचना चाहते हैं। ऐसे में निगम की यह विशेष व्यवस्था यात्रियों के लिए अहम मानी जा रही है।

दो दिन में 266 अतिरिक्त बसें, किस दिन कितनी मिलेंगी?

एचआरटीसी के अनुसार, 6 नवंबर को 134 और 7 नवंबर को 132 अतिरिक्त बस सेवाएं संचालित की जाएंगी। बसों का संचालन तीन प्रमुख केंद्रों दिल्ली, चंडीगढ़ और बद्दी से किया जाएगा। दो दिनों में कुल 266 अतिरिक्त बस सेवाएं चलाई जाएंगी।

कहां से कितनी बसें चलेंगी?

बसों का प्रस्थान, 6 नवंबर, 7 नवंबर

  • दिल्ली, 42, 49
  • चंडीगढ़, 69, 63
  • बद्दी, 23, 20
  • कुल, 134, 132

 

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चंडीगढ़ से सबसे ज्यादा बसें, दिल्ली से भी बढ़ेंगी सेवाएं

निगम की योजना में चंडीगढ़ से यात्रियों को सबसे ज्यादा अतिरिक्त बसों की सुविधा मिलेगी। दो दिनों में यहां से 132 बस सेवाएं चलाई जाएंगी। दिल्ली से 91 और बद्दी से 43 अतिरिक्त बसें रवाना होंगी। यह व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चंडीगढ़, दिल्ली और औद्योगिक क्षेत्र बद्दी हिमाचल के बड़ी संख्या में कामगारों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए आवाजाही के प्रमुख केंद्र हैं।

बद्दी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी हों या राजधानी दिल्ली में रह रहे हिमाचली परिवार, दिवाली पर घर वापसी के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर यात्रियों को इन सेवाओं से विकल्प मिलेंगे। हालांकि, अतिरिक्त बसों की घोषणा का अर्थ यह नहीं है कि हर रूट पर हर यात्री को तत्काल सीट मिल जाएगी। वास्तविक सुविधा बसों के रूट, समय और उपलब्ध सीटों पर निर्भर करेगी।

दिवाली के दिन भी पूरी तरह नहीं थमेगा सफर

दिवाली 8 नवंबर को है। इस दिन बस सेवाओं को लेकर यात्रियों को पहले से अपनी योजना बनानी होगी। दिवाली की शाम 5 बजे से 9 नवंबर सुबह 8 बजे तक स्थानीय बस सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि, लंबी दूरी के यात्रियों के लिए राहत रखी गई है। दिवाली की शाम प्रमुख लंबे रूटों पर बस सेवाएं उपलब्ध करवाने की योजना है। इनमें दिल्ली, शिमला, धर्मशाला, कुल्लू, मंडी और चंबा जैसे स्थानों से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं।

 

प्रदेश के भीतर दिवाली के दिन बस सेवाएं शाम 4 बजे तक चलाने और प्रमुख लंबे रूटों पर जरूरत के अनुसार न्यूनतम सेवाएं बनाए रखने की व्यवस्था की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में यात्रियों को अपने संबंधित बस अड्डे से वास्तविक समय-सारणी की पुष्टि करनी चाहिए, ताकि त्योहार के दिन परेशानी न हो।

चालक-परिचालकों के लिए भी निगम का फैसला

दिवाली पर बसों के अतिरिक्त संचालन के बीच एचआरटीसी प्रबंधन ने चालक-परिचालकों के लिए भी एक व्यवस्था बनाई है। त्योहार के दौरान ड्यूटी करने वाले चालक-परिचालकों को उनके गृह क्षेत्र से जुड़े रूटों पर तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि त्योहार पर परिवहन सेवाएं भी जारी रहें और कर्मचारियों को भी अपने परिवार के साथ पर्व मनाने का अवसर मिल सके। यह पहल इसलिए भी अहम है क्योंकि त्योहारी भीड़ के बीच अतिरिक्त बसें चलाने के लिए केवल वाहन उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं, बल्कि चालक-परिचालकों की उपलब्धता और संचालन का बेहतर प्रबंधन भी जरूरी है।

टिकट बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • दिवाली के दौरान आखिरी समय पर बस पकड़ने की जल्दबाजी से बचने के लिए यात्रियों को कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखनी चाहिए
  • यात्रा की तारीख और गंतव्य के अनुसार बस का समय पहले जांच लें
  • ऑनलाइन बुकिंग में उपलब्ध सेवाओं और सीटों की स्थिति देखें
  • विशेष बसों के रूट और प्रस्थान स्थल की पुष्टि संबंधित बस अड्डे से करें
  • दिवाली की शाम स्थानीय बस सेवाएं बंद होने के समय को ध्यान में रखते हुए अपनी आगे की यात्रा तय करें
  • पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले यात्री अतिरिक्त समय लेकर चलें, ताकि संभावित जाम या अन्य व्यवधानों के कारण परेशानी न हो।

ऑनलाइन टिकट बुकिंग निगम के आधिकारिक टिकट बुकिंग पोर्टल पर उपलब्ध बस सेवाओं और सीटों की जानकारी देखी जा सकती है।

 

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घर वापसी की भीड़ के बीच असली परीक्षा व्यवस्था की

दिवाली केवल रोशनी और खरीदारी का त्योहार नहीं, बल्कि अपने घर और परिवार के पास लौटने का भी अवसर है। प्रदेश से बाहर रहने वाले अनेक हिमाचली इस पर्व पर अपने गांवों और कस्बों का रुख करते हैं। ऐसे में अतिरिक्त बसों की व्यवस्था यात्रियों के लिए राहत जरूर है, लेकिन इसकी सफलता इस बात से तय होगी कि बसें समय पर चलें, रूटों पर पर्याप्त जानकारी मिले और यात्रियों को बस अड्डों पर अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। 

दिल्ली, चंडीगढ़ और बद्दी से कुल 266 अतिरिक्त सेवाओं की घोषणा ने घर वापसी की तैयारी कर रहे लोगों को एक विकल्प दिया है। अब यात्रियों की नजरें बसों के वास्तविक संचालन, समय-सारणी और सीटों की उपलब्धता पर रहेंगी।