उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पान की एक साधारण दुकान की आड़ में पेट्रोल-डीजल चोरी और मिलावटी ईंधन के बड़े सिंडिकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, 36 वर्षीय अनिल सिंह ने टैंकर और ट्रक चालकों से दोस्ती कर उन्हें अतिरिक्त कमाई का लालच दिया और फिर पेट्रोल-डीजल चोरी का ऐसा नेटवर्क तैयार किया, जो कुछ ही महीनों में संगठित गिरोह में बदल गया। गिरोह चोरी किए गए ईंधन में इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट मिलाकर उसे बाजार में बेचता था। मलिहाबाद में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस ने 16 हजार लीटर से अधिक पेट्रोल, डीजल और सॉल्वेंट बरामद करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एडिशनल डीसीपी (क्राइम) किरण यादव के नेतृत्व में मलिहाबाद के संन्यासी बाग इलाके में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान हरदोई निवासी अनिल सिंह, अभिषेक राजपूत, धीरज सिंह और रामतीर्थ को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से 7,750 लीटर पेट्रोल, 4,000 लीटर डीजल, 1,150 लीटर मिलावटी पेट्रोल और 3,200 लीटर इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट बरामद किया। इसके अलावा ईंधन निकालने और उसमें मिलावट करने वाले उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
यह भी पढ़ें: पति ने पत्नी को मारा, जलाई चिता तभी पहुंची पुलिस, लाश श्मशान से उठाई गई
पान की दुकान से बिछाया पूरे नेटवर्क का जाल
पुलिस जांच में सामने आया कि अनिल सिंह करीब छह महीने से इस रैकेट को चला रहा था। उसकी पान की दुकान पर रोजाना फ्यूल टैंकर और ट्रक चालक रुकते थे। इसी दौरान उसने उनसे दोस्ती बढ़ाई और धीरे-धीरे उन्हें पेट्रोल-डीजल चोरी के धंधे में शामिल कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, टैंकर चालकों को हर सफल फ्यूल चोरी पर कमीशन दिया जाता था। आरोपियों ने चालकों को भरोसा दिलाया था कि उनके पास ऐसे केमिकल और इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट हैं, जिनसे टैंकर से निकाले गए ईंधन की मात्रा की भरपाई कर दी जाएगी और किसी को चोरी का पता नहीं चलेगा।
5 लीटर से शुरू हुआ खेल, फिर बन गया बड़ा सिंडिकेट
जांच में पता चला कि शुरुआत में हर टैंकर से केवल 5 से 6 लीटर पेट्रोल या डीजल निकाला जाता था ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद चोरी की मात्रा लगातार बढ़ाई गई और कुछ ही महीनों में यह पूरा नेटवर्क संगठित गिरोह में बदल गया। गिरोह के हर सदस्य की जिम्मेदारी अलग-अलग तय थी।
यह भी पढ़ें: यूपी में पैरामेडिकल शिक्षा में बड़ा बदलाव, 36 से अधिक डिप्लोमा कोर्स होंगे बंद
अब पूरे नेटवर्क की तलाश में पुलिस
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मिलावटी पेट्रोल-डीजल किन-किन जिलों में सप्लाई किया जा रहा था और इस पूरे सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
