पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) इन दिनों गंभीर राजनीतिक संकट से जूझ रही है। पिछले 48 घंटों में पार्टी के भीतर बगावत, इस्तीफे और कांग्रेस के साथ संभावित गठबंधन या विलय की चर्चाओं ने सियासी माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। स्थिति यह है कि कई वरिष्ठ नेता अब खुलकर नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। जिससे संगठन के भीतर तनाव और गहरा गया है।
पार्टी के भीतर उठे इस तूफान ने TMC की एकजुटता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक तरफ वरिष्ठ नेता संगठन में बदलाव की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लगातार हो रहे इस्तीफे और बगावत पार्टी की संसदीय ताकत को कमजोर कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
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संकट से गुजर रही TMC: सौगत रॉय
TMC के वरिष्ठ नेता और सांसद सौगत रॉय ने पहली बार खुलकर माना कि पार्टी संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को मजबूत करने के लिए कांग्रेस के साथ सहयोग एक विकल्प हो सकता है। उनके इस बयान को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से ममता बनर्जी के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व को जनता की समस्याओं को सुनकर संगठन को फिर से मजबूत करने की जरूरत है।
कांग्रेस–TMC गठबंधन की अटकलें तेज
दिल्ली में TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। इससे पहले ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात ने भी अटकलों को हवा दी थी। हालांकि, दोनों पार्टियों ने साफ किया है कि किसी तरह की मर्जर चर्चा नहीं हुई है और बातचीत केवल विपक्षी सहयोग तक सीमित है।
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बगावत और इस्तीफों से कमजोर हुई TMC
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब TMC के करीब 20 लोकसभा सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ पत्र लिखकर खुद को अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग कर दी। पत्र में साइन करने वालों में सायोनी घोष और यूसुफ पठान जैसे कई नेता शामिल हैं, जिन्हें कभी पार्टी लीडरशिप का करीबी माना जाता था। इसके साथ ही राज्यसभा में भी लगातार इस्तीफों ने पार्टी को कमजोर किया है। हाल ही में तीन सांसदों के इस्तीफे से संसदीय ताकत पर असर पड़ा है। इसी बीच पार्टी के अंदर अभिषेक बनर्जी की भूमिका को लेकर भी असंतोष गहराता दिख रहा है। कुछ वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि संगठन में शक्ति का केंद्रीकरण बढ़ने से गुटबाजी और असंतोष फैल रहा है।
