उत्तर प्रदेश के अमेठी में मुसाफिरखाना इलाके के भनौली गांव में रहने वाले मोहम्मद इकबाल के घर पर 18 अगस्त 2026 को नींव की खुदाई चल रही थी। इसी दौरान जमीन के अंदर से तांबे के 29 रहस्यमयी और भारी मटके मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत उन सभी चीजों को अपने कब्जे में ले लिया और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया तथा उत्तर प्रदेश डिपार्टमेंट ऑफ आर्कियोलॉजी को इसकी सूचना दी जिसके बाद दोनों विभाग मिलकर मामले की जांच कर रहे हैं।

 

शुरुआती जांच में ऐसा अंदेशा जताया गया है कि ये पुरानी तोप के गोले या बम के शेल जैसी कोई मिलिट्री आर्टिफैक्ट हो सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन सभी मटकों का रंग हल्का हरा है और इनमें लगभग एक-एक इंच के छेद बने हुए हैं।

 

यह भी पढ़ें: पहले डिजिटल अरेस्ट, फिर 42 लाख रुपये ऐंठे, बुजुर्ग अफसर को लूट ले गए डिजिटल ठग

मटकों का नाप, साइज और वजन

उत्तर प्रदेश डिपार्टमेंट ऑफ आर्कियोलॉजी लखनऊ के असिस्टेंट आर्कियोलॉजिकल ऑफिसर मनोज कुमार यादव ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि तांबे के इन सभी 29 मटकों का व्यास करीब 60 सेंटीमीटर और ऊंचाई लगभग 20 सेंटीमीटर है। हर एक मटके का वजन 9 से 10 किलोग्राम के आसपास है और इनमें फ्यूज होल बने हुए हैं।

 

खुदाई के दौरान तांबे के मटके मिलने की खबर मिलते ही पुलिस के बड़े अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए थे। उस दौरान मुसाफिरखाना के डिप्टी एसपी अतुल कुमार सिंह और एसएचओ विवेक सिंह मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने पूरी स्थिति का जायजा लिया।

 

यह भी पढ़ें: कुल्लू में भांग और अफीम का नशा कैसे खत्म होगा? प्रशासन का प्लान समझिए

आगे क्या होगी जांच?

अधिकारी अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये मटके कितने साल पुराने हैं और जमीन के अंदर इतने लंबे समय से कैसे दबी हुई थीं। इसके लिए इनकी सामग्री, कंस्ट्रक्शन, डायमेंशंस, कोरोजन और फ्यूज-होल के डिजाइन की साइंटिफिक जांच की जाएगी। असिस्टेंट आर्कियोलॉजिकल ऑफिसर मनोज कुमार यादव ने बताया है कि आगे की कार्रवाई ऊपर से मिलने वाले ऑर्डर्स के अनुसार की जाएगी।