उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार (3 अगस्त) से शुरू होने जा रहा है। चार दिन तक चलने वाले इस सत्र में योगी सरकार 4 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश करेगी। विधानसभा चुनाव से पहले आने वाले इस बजट में नई योजनाओं और लोकलुभावन घोषणाओं की संभावना जताई जा रही है। वहीं, संभल हिंसा जांच आयोग की रिपोर्ट, नौ अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक और कई अहम सरकारी प्रस्ताव भी सदन में पेश किए जा सकते हैं। सत्र को देखते हुए राजधानी लखनऊ में व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है।

 

विधानसभा अध्यक्ष की स्वीकृति के बाद प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे ने मानसून सत्र का कार्यक्रम जारी कर दिया है। सत्र के पहले दिन 3 अगस्त को आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से सपा विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी।

4 अगस्त को पेश होगा अनुपूरक बजट

सरकार 4 अगस्त को दोपहर 12:20 बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदानों की मांग सदन में पेश करेगी। माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बार के अनुपूरक बजट में विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे, किसानों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कल्याण से जुड़ी नई योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है।योगी सरकार इससे पहले वर्ष 2026-27 का 9.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मूल बजट पारित करा चुकी है। ऐसे में अनुपूरक बजट में नई घोषणाओं पर सभी की नजर रहेगी।

 

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5 और 6 अगस्त को होंगे अहम कामकाज

अनुपूरक बजट पेश होने के बाद 5 अगस्त को विधायी कार्य और अन्य सरकारी कामकाज निपटाए जाएंगे। वहीं 6 अगस्त को अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद सरकार इसे सदन से पारित कराने का प्रयास करेगी।पिछले सत्र के बाद से अब तक सरकार नौ अध्यादेश लागू कर चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, निजी विश्वविद्यालय, लोक सेवा अधिकरण तथा दंड विधि संशोधन सहित कई अहम अध्यादेश शामिल हैं। अब सरकार इन अध्यादेशों के स्थान पर प्रतिस्थानी विधेयक सदन में पेश करेगी। इसके अलावा कुछ नए विधेयक भी इस सत्र में लाए जाने की संभावना है।

संभल हिंसा आयोग की रिपोर्ट भी होगी पेश

मानसून सत्र में 24 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी। इसके साथ ही भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की विभिन्न विभागों से जुड़ी ऑडिट रिपोर्ट भी सदन में प्रस्तुत की जाएगी।विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी मेंमानसून सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, किसानों के मुद्दे, बेरोजगारी, बिजली, महंगाई, विकास कार्यों और अन्य जनहित के मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। वहीं सरकार भी अपने कामकाज और योजनाओं को सदन में मजबूती से रखने की तैयारी में है। ऐसे में चार दिन का यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।

मानसून सत्र के दौरान राजधानी में ट्रैफिक डायवर्जन

विधानमंडल सत्र को देखते हुए डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने सोमवार से सत्र समाप्त होने तक विधानसभा और आसपास के इलाकों में विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने के आदेश जारी किए हैं।बंदरियाबाग चौराहे से राजभवन, डीएसओ चौराहा, हजरतगंज, जीपीओ और विधानसभा की ओर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन लालबत्ती, कैंट, गोल्फ क्लब और 1090 चौराहे के रास्ते जाएंगे।डीएसओ चौराहे से हजरतगंज और विधानसभा मार्ग की ओर यातायात नहीं जा सकेगा। इसके लिए पार्क रोड और मेफेयर तिराहा वैकल्पिक मार्ग रहेगा।रॉयल होटल चौराहे से विधानसभा मार्ग होकर हजरतगंज जाने वाले वाहनों को कैसरबाग, परिवर्तन चौक, चिरैयाझील या कैंट होकर जाना होगा।गोमतीनगर, महानगर और चारबाग की ओर से आने वाली रोडवेज व सिटी बसों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।

 

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सिकंदरबाग, परिवर्तन चौक, हिंदी संस्थान, डीएसओ चौराहा और अन्य प्रमुख मार्गों से विधानसभा की ओर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। जरूरत के अनुसार ट्रैफिक पुलिस मौके पर अतिरिक्त डायवर्जन भी लागू कर सकेगी।पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि विधानसभा क्षेत्र की ओर जाने से पहले जारी ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके।