उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) अपनी डबलडेकर बसों को यात्रियों की पहली पसंद बनाने के लिए नई योजना पर काम कर रहा है। बसों में पहली बार रेलवे की तर्ज पर केटरिंग सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस सुविधा के जरिए यात्रियों को सफर के दौरान ही चाय, नाश्ता और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी। रोडवेज प्रशासन का मानना है कि इससे यात्रियों की घटती संख्या पर रोक लगेगी और डबलडेकर बसों की लोकप्रियता बढ़ेगी।
रोडवेज के बेड़े में सामान्य और लग्जरी श्रेणी की करीब 12 हजार बसें हैं। पिछले वर्ष बेड़े के आधुनिकीकरण के तहत लखनऊ परिक्षेत्र में आठ डबलडेकर बसें शामिल की गई थीं। इनमें से एक जोड़ी बसों का संचालन अयोध्या रूट पर किया गया था, जबकि शेष छह बसें बाराबंकी डिपो में रखी गईं। बाद में इन्हें अन्य मार्गों पर चलाने की योजना भी बनी लेकिन अयोध्या रूट पर इन बसों का संचालन बंद करना पड़ा।
कम रफ्तार से यात्रियों ने बनाई दूरी
रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक, डबलडेकर बसों की अधिकतम गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तय है। भीड़भाड़ वाले मार्गों पर ये बसें औसतन 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चल पाती हैं। इसका असर यात्रा समय पर पड़ा। अयोध्या तक 140 किलोमीटर की दूरी तय करने में इन बसों को तीन से चार घंटे लगते थे जबकि अन्य रोडवेज बसें यही दूरी दो से ढाई घंटे में पूरी कर लेती थीं। इसी वजह से यात्रियों का रुझान इन बसों से कम होने लगा।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से डबलडेकर बसों की स्पीड नहीं बढ़ाई जा सकती। अगर निर्धारित गति सीमा में बदलाव किया गया तो दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में यात्रियों को आकर्षित करने के लिए बसों में अतिरिक्त सुविधाएं बढ़ाने का फैसला किया गया है। केटरिंग सेवा शुरू होने से यात्रियों को सफर के दौरान खाने-पीने की सुविधा मिलेगी और उन्हें बीच रास्ते में रुकने की जरूरत भी कम पड़ेगी।
यह भी पढ़ें: आजमगढ़ में दर्दनाक हादसा, मां ने 3 बच्चों संग तालाब में लगाई छलांग, 2 की मौत
पहली बार रोडवेज बसों में शुरू होगी केटरिंग
योजना लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश रोडवेज के इतिहास में पहली बार बसों में रेलवे की तरह केटरिंग सेवा उपलब्ध होगी। अभी तक यात्री बसों के ढाबों या निर्धारित ठहराव पर ही भोजन करते हैं लेकिन नई व्यवस्था में सफर के दौरान ही उन्हें खानपान उपलब्ध कराया जाएगा। रोडवेज की योजना के अनुसार, केटरिंग का अलग से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह सुविधा बस के किराए में ही शामिल रहेगी। यात्रियों को चाय, पेयजल, समोसा, स्थानीय फास्ट फूड, मिठाई, फल, खस्ता, पूड़ी-सब्जी सहित अन्य खाद्य पैकेट उपलब्ध कराए जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर बस के भीतर खानपान की सामग्री की बिक्री भी की जा सकेगी।
एसी डबलडेकर बसों में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। इनमें आरामदायक सीटें, बेहतर सस्पेंशन और संतुलित डिजाइन है। बसों में कुल 64 सीटें हैं, जिनमें 35 सीटें ऊपरी और 29 सीटें निचले तल पर हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन बसों की राइड क्वालिटी और बैलेंसिंग सामान्य बसों की तुलना में बेहतर है।
यह भी पढ़ें: 'चाचा, अम्मी को मत मारो', पड़ोसी ने एकतरफा प्यार में 4 बच्चों की मां को मार डाला
क्या बोले क्षेत्रीय प्रबंधक?
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने कहा, 'डबलडेकर बसों को यात्रियों की पसंदीदा बस बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए रेलवे की तर्ज पर बसों में केटरिंग सुविधा शुरू की जा सकती है। मुख्यालय स्तर पर इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श चल रहा है। अंतिम निर्णय वहीं से लिया जाएगा।' इस योजना को रोडवेज की यात्री सुविधाओं में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो उत्तर प्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा, जहां बस यात्रा के दौरान भी यात्रियों को रेलवे जैसी केटरिंग सुविधा उपलब्ध होगी।
