बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 50 करोड़ रुपये का मानहानि का केस दायर किया है। 18 सितंबर को मामले की सुनवाई होगी। साल 2022 में बृजभूषण शरण सिंह ने पतंजलि ब्रांड के घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाया था। इसके बाद से ही बाबा रामदेव और उनके बीच रिश्ते बिगड़ते चले गए।

 

अब मानहानि का मुकदमा होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर बाबा जी इस मामले में हमें जेल करवा देंगे तो मैं जमानत नहीं करवाऊंगा। उन्होंने कहा कि देश और लोगों के हित में घी का मामला उठाया। 

 

 

 

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'यह 2022 का का मामला है। इनको पिथौरागढ़ में जुर्माना लगा है। सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, जबलपुर कोर्ट, विदेशी कोर्ट - कितना सबूत दिया जाए। खैर सबूत देने की आवश्यकता नहीं है। मुझे सबूत देने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए अगर बाबा जी मुझे जेल करवा दें तो मैं जमानत नहीं करवाऊंगा।'

देश और लोगों के हित में उठाया घी का मामला

उन्होंने आगे कहा, 'देखिए राजनीति का एक स्लोगन है- चर्चा, पर्चा, खर्चा। अभी तक देश में मेरी चर्चा कुछ दूसरे मामले में थी। अब बाबा जी आ गए। जो बीता हुआ मामला है, वह भी देश, खेल और बच्चों के हित में था। यह घी का मामला भी देश और लोगों के हित में है और यह सत्य है।'

'बालकृष्ण से पूछा- 500 में घी कैसे बेचते हो'

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, जिस समय यह मामला हुआ था, उस समय इनका घी 500 रुपये किलो बिकता था। उस समय देहात में भी 35- 40 रुपये किलो दूध का रेट था। शहर में 50 रुपये था और अच्छे शहर में 60-70 रुपये था। जब उनके चेले बालकृष्ण जी का मेरे पास फोन आया तो मैंने एक ही सवाल पूछा कि एक बात से मुझको संतुष्ट कर दीजिए अगर 30 रुपये ही रेट पकड़ लें तो 900 रुपये, 40 पकड़ लें तो 1200 रुपये, 50 पकड़ लें तो 1500 रुपये तो जो चीज 1500 में तैयार हो रही है। आप 500 में कैसे बेचते हैं। उसके बाद मेहनत-मजदूरी... कैसे बेचते हैं। उस बात का उत्तर वो नहीं दे पाए। अब ये जो आया है... देखा जाएगा।'