पश्चिम बंगाल से भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सासंद नागेंद्र रे उर्फ अनंत महाराज आजाद हिंद फौज के संस्थापक सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ बोलकर बुरे फंसे है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई दिग्गज नेताओं ने उनकी आलोचना की है, उन्हें पार्टी और पद से बर्खास्त किए जाने की मांग तेज होती जा रही है। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर मंत्री भास्कर भट्टाचार्य ने उन्हें चीन और पाकिस्तान तक का एजेंट बता दिया है। 

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा तक में कहा दिया कि उनसे 'बंग विभूषण' की उपाधि छीन लेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को अनंत महाराज को दिया गया बंग बिभूषण पुरस्कार वापस भी ले लिया। यह पुरस्कार उन्हें 5 महीने पहले दिया गया था।

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अनंत महाराज ने कहा क्या था?

अनंत महाराज ने 9 अगस्त को सिलीगुड़ी में एक सभा में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 'युद्ध अपराधी' कहा था। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस की लीडरशिप और आजाद हिंद फौज की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। इन टिप्पणियों पर लोगों में आक्रोश देखने को मिला था।

शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल:-
मैंने पुलिस से सोशल मीडिया पर नेताजी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। पुलिस को इसके लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है> मैं किसी का नाम नहीं लूंगा, लेकिन कानून विधायकों, सांसदों, किसी भी पार्टी के नेताओं, सरकारी अधिकारियों या पुलिस अधिकारियों के लिए समान है।


पश्चिम बंगाल सरकार ने क्या कदम उठाए?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी और पुलिस को मामले दर्ज करने के आदेश दिए थे। अगले दिन ही राज्य सरकार ने पुरस्कार वापस लेने का आदेश जारी कर दिया। सरकार के आदेश में कहा गया कि अनंत महाराज के पास बंगा बिभूषण रखना इस सम्मान की गरिमा और मकसद के खिलाफ है। अब वह खुद को इस पुरस्कार का प्राप्तकर्ता नहीं बता सकते और इससे जुड़े किसी भी लाभ का दावा नहीं कर सकते।

ममता बनर्जी ने BJP सांसद को बंग विभूषण दिया क्यों था?

यह पुरस्कार अनंत महाराज को ममता बनर्जी सरकार ने राजबंशी समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान के लिए दिया था। वह राजबंशी समुदाय से आते हैं, जिसकी आबादी राज्य में 18 फीसदी से ज्यादा है राजबंशी समुदाय, अनुसूचित जाति के सबसे बड़े समूहों में से एक है। इस समुदाय का असर 20 से 30 सीटों पर है। अनंत महाराज, इस समुदाय के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं।

 

 

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TMC ने क्या कहा है?

तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने अनंत महाराज की टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को उन्हें पार्टी से निकाल देना चाहिए। अनंत महाराज ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके बयान आधिकारिक दस्तावेजों पर आधारित हैं, जो राष्ट्रीय अभिलेखागार में उपलब्ध हैं।


भास्कर भट्टाचार्य, मंत्री, पश्चिम बंगाल सरकार:-
यह तो विधानसभा में मुख्यमंत्री ने खुले तौर पर कहा है। हम लोग भी यह चाहते हैं। नेता जी देश के नेता हैं, आजादी के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानी दी है। अनंत महाराज कौन है, देश के लिए क्या कुर्बानी दी है? मुझे शक है कि यह पाकिस्तान या चीन का एजेंट तो नहीं है। देश विरोधी बयान है, इसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला 

सुप्रीम कोर्ट में सांसद नागेंद्र रे उर्फ अनंत महाराज के खिलाफ एक याचिका दायर हुई थी। याचिका में कहा गया था कि अदालत इस मामले पर स्वत: संज्ञान ले, राज्यसभा सांसद नागेंद्र रे के खिलाफ कार्रवाई शुरू करे। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जस्टिस जॉयमाला बागची ने कहा, 'कोर्ट से स्वत: संज्ञान की गुहार लगाने की वजह याचिकाकर्ता को रिट याचिका दायर करनी चाहिए। एक याचिका दायर कीजए। आपकी चिंता है कि अगर किसी का बयान नफरती भाषण की तरह है तो एक रिट याचिका दायर करनी चाहिए, न कि स्वत: संज्ञान की अपील करनी चाहिए। तब हम इस पर विचार करेंगे।'