अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव किया गया है। ट्रस्ट के पहले सचिव के रूप में जगदीश आफले की नियुक्ति की गई। जगदीश आफले को सचिव होने के साथ-साथ उन्हें ट्रस्ट की ओर से स्टेट बैंक में हस्ताक्षरकर्ता भी बनाया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति अभी नहीं हुई है। इस पद के लिए लगभग 5200 लोगों ने आवेदन किया है।
जगदीश आफले की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा 2 सितंबर को की जाएगी। इसी दिन ट्रस्ट की आधिकारिक बैठक भी होगी। जानकारी के लिए बता दें, राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया था। चंपत राय और अन्य ट्रस्टी ने 6 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दिया था। अब सवाल उठता है कि जगदीश आफले कौन हैं, जिन्हें ट्रस्ट का सचिव बनाया गया है?
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कौन हैं जगदीश आफले?
जगदीश आफले महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं। उनका बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ाव रहा है। जगदीश पेशे से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर रह चुके हैं। उन्होंने आईआईटी मुंबई से बीटेक की पढ़ाई की थी, जिसके बाद वहीं से एमटेक भी किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद जगदीश आफले ने कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर के रूप में काम किया। इसी सिलसिले में वह अमेरिका भी गए, जहां उन्होंने कई सालों तक एक कंपनी में काम किया।
रिटायरमेंट के बाद जगदीश भारत लौट आए और फिर से आरएसएस से जुड़ गए। जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ, तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अधिकारियों ने उन्हें प्रोजेक्ट हेड बनाया। इस दौरान जगदीश आफले ने न सिर्फ बेहतरीन काम किया, बल्कि बिना वेतन लिए भी अपनी सेवाएं दीं।
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CEO पद के लिए 5200 आवेदन पत्र
ट्रस्ट के अधिकारी कृष्ण मोहन ने बताया कि सीईओ पद के लिए 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों की स्क्रीनिंग का काम न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली को सौंपा गया है। इसके लिए उनकी अगुवाई में एक टीम बनाई गई है, जो सीईओ चुनने की प्रक्रिया पूरी करेगी। राम मंदिर ट्रस्ट ने सचिव की नियुक्ति तो कर दी है लेकिन सीईओ और अन्य पदों पर नियुक्तियां अभी बाकी हैं।
