उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के एक कार्यक्रम में हंगामा हो गया। यह हंगामा उस समय हुआ जब दो युवकों ने उनके भाषण के बीच यूजीसी के नए नियमों पर सवाल पूछ लिया। दोनों युवक जानना चाहते थे कि UGC के मुद्दे पर सरकार और बीजेपी का क्या रुख है। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें पकड़कर कार्यक्रम स्थल से बाहर ले गए। मामला तब और ज्यादा बढ़ गया जब बीजेपी के एक स्थानीय पार्षद पर एक युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है।
यह घटना रविवार को घटना रविवार को परेड ग्राउंड में आयोजित प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान की बताई जा रही है। हालांकि, घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सोमवार को सामने आया। जानकारी के मुताबिक, सम्मेलन में केशव प्रसाद मौर्य भाषण दे रहे थे। वह संगम पर होने वाले माघ मेले की तैयारियों और प्रदेश सरकार के कामकाज का जिक्र कर रहे थे। तभी मंच के पास मौजूद दो युवकों ने हाथ उठाकर कहा, 'केशव जी, UGC के बारे में भी कुछ बोलिए।'
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युवकों ने उठाए सवाल
जब युवकों ने भाषण के बीच सवाल किया तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन युवक लगातार अपनी बात रखने की मांग करते रहे। इस पर केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें चुप रहने और बैठने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि वह हर मुद्दे पर बोलेंगे और किसी बात पर बोलने से पीछे नहीं हटते। इसके बाद पुलिस दोनों युवकों को वहां से ले जाने लगी।
पार्षद पर लगे आरोप
इस पूरे प्रकरण के दौरान अल्लापुर के बीजेपी पार्षद विनय मिश्रा भी युवकों के पास पहुंचे। उन्होंने उनसे सवाल पूछने की वजह पूछी। एक युवक ने जवाब दिया कि वह बीजेपी में है और अगर अपने नेता से अभी सवाल नहीं करेगा तो कब करेगा। इसी बातचीत के बीच पार्षद पर एक युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा।
वीडियो में भी युवकों और पार्षद के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई देने दे रही है। युवकों में से एक की पहचान रोहित तिवारी के रूप में बताई गई है। रोहित ने घटना के बाद वीडियो जारी कर कहा कि वह अपने समाज के मुद्दों और सरकार के नजरिये को लेकर सवाल पूछना चाहते थे।
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बीजेपी में मतभेद
यह घटना सामने आने के बाद बीजेपी के अंदर भी इस मामले को लेकर मतभेद दिखे। बीजेपी विधायक हर्षवर्धन बाजपेई ने युवकों के साथ हुई मारपीट का विरोध किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यूजीसी का विरोध करना हर ब्राह्मण और सवर्ण का अधिकार है। उन्होंने अपने ही समाज के लोगों के साथ मारपीट करने वालों पर भी निशाना साधा। यूजीसी के नए नियमों को लेकर पहले से ही अलग-अलग वर्गों में चर्चा और विरोध हो रहा है। ऐसे में सम्मेलन में युवकों का सवाल पूछना और उसके बाद उन्हें बाहर ले जाने तथा थप्पड़ मारे जाने का आरोप कई सवाल खड़े कर रहा है। सवाल यह भी है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों से नीतियों पर सवाल पूछने का जवाब बातचीत से दिया जाना चाहिए या सवाल उठाने वालों को वहां से हटाया जाना चाहिए। फिलहाल, सामने आई खबरों में पुलिस की ओर से इस कार्रवाई का विस्तृत आधिकारिक पक्ष स्पष्ट नहीं हुआ है।
