आज भी कई दिव्यांग लोग सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं का पूरा फायदा नहीं उठा पाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह उनके पास जानकारी की कमी होना है। केंद्र और राज्य सरकारें दिव्यांगजनों के लिए नौकरी, शिक्षा, यात्रा, आर्थिक सहायता और कई दूसरी योजनाएं चलाती हैं लेकिन सही जानकारी न होने के कारण कई लोग इनका लाभ लेने से पीछे रह जाते हैं।
अगर आपके परिवार में कोई दिव्यांग सदस्य है या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं तो यह जानना जरूरी है कि सरकार किन-किन सुविधाओं की मदद देती है। सरकारी नौकरी में आरक्षण, ट्रेन टिकट में किराए की छूट, स्कॉलरशिप, पेंशन और कई दूसरी योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है। हालांकि इन सुविधाओं के लिए मान्य दिव्यांगता प्रमाण पत्र या यूडीआईडी (UDID) कार्ड होना जरूरी है।
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सरकारी नौकरी में कितना मिलता है आरक्षण?
दिव्यांगजनों को सरकारी नौकरी में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत आरक्षण दिया जाता है। केंद्र सरकार की सीधी भर्ती वाली कई नौकरियों में दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है। यह आरक्षण अलग-अलग प्रकार की दिव्यांगता के अनुसार दिया जाता है।
सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करते समय उम्मीदवार के पास मान्य दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना जरूरी है। कई भर्तियों में दिव्यांग उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट भी मिलती है। कुछ विभाग आवेदन शुल्क में भी राहत देते हैं। हालांकि हर भर्ती के नियम अलग हो सकते हैं इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती का नोटिफिकेशन जरूर पढ़ लेना चाहिए।
ट्रेन टिकट में कैसे मिलती है छूट?
भारतीय रेलवे कुछ श्रेणी के दिव्यांग यात्रियों को ट्रेन टिकट के किराए में रियायत देता है। यह छूट दिव्यांगता के प्रकार और ट्रेन की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्री के पास मान्य दिव्यांगता प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड होना चाहिए। कई बार अगर किसी दिव्यांग व्यक्ति को सफर के दौरान किसी दूसरे व्यक्ति की मदद की जरूरत होती है तो उसके साथ यात्रा करने वाले व्यक्ति को भी किराए में छूट दी जाती है। टिकट बुक करते समय जरूरी दस्तावेज दिखाने या ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने की जरूरत पड़ सकती है।
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UDID कार्ड क्या है और क्यों जरूरी है?
UDID यानी Unique Disability ID Card दिव्यांगजनों के लिए सरकार की ओर से जारी किया जाने वाला एक विशेष पहचान पत्र है। यह पूरे देश में मान्य होता है और अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मदद करता है। इस कार्ड की मदद से बार-बार अलग-अलग जगह दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती। कई सरकारी योजनाओं, नौकरी, पेंशन और यात्रा संबंधी सुविधाओं के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
इन योजनाओं का भी मिलता है फायदा
सरकार दिव्यांगजनों को सिर्फ सरकारी नौकरी में आरक्षण और ट्रेन टिकट में छूट ही नहीं देती बल्कि कई दूसरी योजनाओं का भी लाभ देती है। इनमें पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए स्कॉलरशिप, नई स्किल सीखने की ट्रेनिंग, अपना काम शुरू करने के लिए आर्थिक मदद, जरूरत के हिसाब से व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, हियरिंग एड जैसे सहायक उपकरण और कुछ राज्यों में दिव्यांग पेंशन जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में दिव्यांगजनों के लिए कई खास योजनाएं भी चलाई जाती हैं। हालांकि हर योजना के नियम और पात्रता अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित योजना की जानकारी जरूर देख लें।
किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है?
अगर आप किसी सरकारी सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं तो आमतौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। कुछ योजनाओं में अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की वेबसाइट या कार्यालय से जानकारी जरूर ले लें।
- मान्य दिव्यांगता प्रमाण पत्र या UDID कार्ड
- आधार कार्ड
- पहचान और पते का प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक खाते की जानकारी
- जिस योजना के लिए आवेदन कर रहे हैं उससे जुड़े अन्य दस्तावेज
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सरकारी सुविधाओं के लिए आवेदन कैसे करें?
आज ज्यादातर सरकारी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। दिव्यांगजन संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के जरिए आवेदन कर सकते हैं। अगर किसी योजना की जानकारी नहीं मिल रही हो तो जिला समाज कल्याण कार्यालय या संबंधित सरकारी विभाग से भी संपर्क किया जा सकता है।
