भारतीय रेलवे सिर्फ आम लोगों के सफर के लिए ही नहीं, बल्कि जो लोग लग्जरी अंदाज में यात्रा करना चाहते हैं उनके लिए भी खास सुविधा देता है। इन दिनों रेलवे का सलून कोच काफी चर्चा में है। हाल ही में इस कोच में पूजा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद सलून कोच लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। लोग इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए गूगल भी कर रहे हैं।
पहले रेलवे का यह सलून कोच सिर्फ बड़े अधिकारियों के निरीक्षण दौरे के लिए इस्तेमाल होता था। अब आम लोग भी तय नियमों का पालन करके और तय किराया देकर इसे बुक कर सकते हैं। अगर आप परिवार, दोस्तों या किसी खास मौके को खास बनाना चाहते हैं, तो इस कोच में आपको बिल्कुल शाही अंदाज में सफर करने का मौका मिलता है।
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लग्जरी होटल से कम नहीं सलून कोच
सलून कोच को ऐसे बनाया गया है कि सफर के दौरान आपको किसी लग्जरी होटल जैसी फीलिंग मिले। इसमें आरामदायक बेडरूम, बैठने के लिए ड्राइंग रूम, मॉडर्न टॉयलेट, पेंट्री, लाउंज और कई दूसरी सुविधाएं मिलती हैं। बेडरूम के अलावा इसमें 4 से 6 अतिरिक्त बर्थ भी होती हैं, जिससे ज्यादा लोग आराम से यात्रा कर सकते हैं। सफर के दौरान आपकी हर जरूरत का ध्यान रखने के लिए एक एसी अटेंडेंट और एक जनरल अटेंडेंट भी साथ रहते हैं। हालांकि, सलून कोच की बुकिंग रेलवे के तय नियमों और इसकी उपलब्धता के अनुसार ही की जाती है।
कैसे होगी बुकिंग और क्या है समय-सीमा?
अगर आप भारतीय रेलवे का सलून कोच बुक करना चाहते हैं तो यात्रा की तारीख से कम से कम 30 दिन पहले और ज्यादा से ज्यादा 6 महीने पहले आवेदन करना होगा। बुकिंग के लिए आपको अपने नजदीकी रेलवे स्टेशन के स्टेशन मैनेजर के जरिए रेलवे के चीफ पैसेंजर ट्रैफिक मैनेजर (CPTM) को एक लिखित आवेदन देना होता है। इसमें आपको बताना होगा कि कहां जाना है, कौन-सा रूट रहेगा, बीच में कहां-कहां रुकना है और सलून कोच किस ट्रेन के साथ जोड़ा जाए।
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अगर आपको 30 दिन से कम समय में सलून कोच चाहिए तो इसके लिए CPTM से खास अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके अलावा, आप IRCTC के FTR (Full Tariff Rate) पोर्टल के जरिए भी ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। हालांकि, सलून कोच मिलेगा या नहीं यह पूरी तरह रेलवे में उसकी उपलब्धता पर निर्भर करता है।
कितना आएगा खर्च?
अगर आप इस शाही सफर का मजा लेना चाहते हैं तो आपको अपने रूट के हिसाब से किराया देना होगा। सबसे पहले 50,000 रुपये रजिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर जमा करने पड़ते हैं। इसमें से 25,000 रुपये सिक्योरिटी के रूप में रखे जाते हैं, जबकि बाकी 25,000 रुपये आपके कुल किराए में एडजस्ट कर दिए जाते हैं।
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पूरी यात्रा का किराया, मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों में AC फर्स्ट क्लास के पूरे एडल्ट किराए के आधार पर तय किया जाता है। किराया या तो यात्रियों की संख्या के हिसाब से या कोच की पूरी क्षमता के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है इनमें से जो भी रकम ज्यादा हो वही ली जाती है। इसके अलावा कुल किराए पर 20 फीसदी सर्विस चार्ज भी अलग से देना होता है। ध्यान रखें कि यात्रा शुरू होने से 48 घंटे पहले पूरा किराया जमा करना जरूरी है।
500 किमी से कम की नहीं होगी बुकिंग
अगर आप रेलवे का सलून कोच बुक करना चाहते हैं तो कुछ जरूरी नियम जान लेना बेहतर है। रेलवे ने इसकी बुकिंग के लिए कम से कम 500 किलोमीटर की यात्रा (जाने और आने का किराया अलग-अलग) तय की है। अगर सफर के दौरान आप किसी स्टेशन पर ट्रेन को तय समय से ज्यादा देर तक रुकवाते हैं तो हर सलून कोच के लिए 600 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से डिटेंशन चार्ज देना होगा। इसमें कोई फ्री टाइम नहीं मिलता।
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वहीं, अगर सलून कोच को किसी दूसरे स्टेशन से खाली मंगवाना पड़ता है तो कम से कम 200 किलोमीटर के लिए 50% FTR किराए के हिसाब से एम्प्टी हॉलेज चार्ज भी देना होगा। ध्यान रखें कि सलून कोच की बुकिंग पर बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों या किसी भी अन्य सरकारी रियायत का फायदा नहीं मिलता। सभी यात्रियों को पूरा किराया देना होता है।
