'स्टेट बैंक ऑफ इंडिया' (SBI) ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक नए तरीके 'जंप्ड डिपॉजिट स्कैम' को लेकर अपने ग्राहकों के लिए अलर्ट जारी किया है। बैंक ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि वे खाते में बिना किसी वजह से आए अनजान पैसों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। SBI ने लोगों को साइबर सुरक्षा अभियान के तहत सावधान किया है। बैंक ने कहा कि स्कैमर लोगों को फंसाने के लिए पहले उनके खाते में थोड़े रुपये डालते हैं और फिर एक बड़ा फ्रॉड अंजाम देते हैं।

 

इस ठगी की शुरुआत तब होती है जब स्कैमर्स किसी के खाते में गलती का बहाना बनाकर कुछ पैसे ट्रांसफर कर देते हैं। इसके बाद किसी बहाने से भेजे हुए रुपये को वापस मांगते हैं। इसी दौरान खाते से बड़ी रकम निकल जाती है। 

 

यह भी पढ़ें: दिल्ली में आज कितने मेट्रो स्टेशन बंद, कहां-कहां है डायवर्जन? सब जान लीजिए

कैसे होता है स्कैम?

कोई भी स्कैमर किसी के भी खाते में रुपये डालते हैं। इसके बाद पीड़ित से यह कह कर संपर्क किया जाता है कि गलती से अकाउंट में पैसे डाल दिया गया है। ठग खुद को मजबूरी में बताकर या इमरजेंसी का नाटक करके लोगों पर जल्दी पैसे लौटाने का दबाव बनाते हैं ताकि वे बिना सोचे-समझे रिक्वेस्ट अप्रूव कर दें। पैसे को वापस मांगते समय वे साधारण ट्रांसफर के बजाय एक  UPI पेमेंट या कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजते हैं। जैसे ही कोई भी बिना देखे उस रिक्वेस्ट को मंजूर करता है उसके खाते से बड़ी रकम कट जाती है। 

बैंक की सलाह

अगर खाते में कोई अनजान क्रेडिट दिखता है तो खुद से पैसे वापस भेजने की गलती न करें। इसकी जानकारी तुरंत अपने बैंक की आधिकारिक ब्रांच या हेल्पलाइन नंबर पर दें। साथ ही अनजान पेमेंट रिक्वेस्ट न स्वीकारें। किसी भी ऐसे पेमेंट या UPI रिक्वेस्ट को अप्रूव न करें जिसकी शुरुआत आपने खुद न की हो।

 

यह भी पढ़ें: त्योहारों पर घर जाने की टेंशन खत्म! कटरा और जयनगर के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

बचाव के लिए 3 जरूरी कदम

  • किसी नंबर पर शक हो तो उसको तुरंत ब्लॉक करें। साथ ही मामले की शिकायत प्राथमिकता के आधार पर बैंक से करें।
  • बिना पुख्ता जानकारी के किसी भी इमरजेंसी UPI रिक्वेस्ट या भावनात्मक ब्लैकमेल के बहकावे में न आएं।
  • बैंक की ओर से आने वाली सही और सुरक्षित कॉल्स की पहचान 1600 प्रीफिक्स वाले नंबरों से होती है। केवल इन्हीं कॉल्स पर भरोसा करें।