समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में भोपाल में आयोजित रैली में AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बड़ी रैली की। इस दौरान उन्होंने Gen-Z युवाओं को संबोधित करते हुए शादीशुदा जिंदगी और पत्नी के साथ व्यवहार को लेकर अलग अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी पत्नी की गुलामी करता है, वही अच्छा मर्द है। अपने बयान के दौरान ओवैसी ने अपने वैवाहिक जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी दाढ़ी धूप में नहीं, बल्कि घर में रहते हुए सफेद हुई है। उनके इस बयान की चर्चा अब हर जगह हो रही है। 

 

ओवैसी UCC के खिलाफ रैली कर रहे थे और इस रैली में उन्होंने युवाओं से बातचीत  की। युवाओं से सवाल-जवाब के अंदाज में बातचीत में उनसे सवाल भी पूछे गए। उन्होंने पूछा कि क्या वे बदलाव लाएंगे? इसके बाद उन्होंने युवाओं से कुरान और सुन्नत को अपनी जिंदगी में प्राथमिकता देने, मस्जिदों को आबाद रखने, माता-पिता की सेवा करने और बहनों को उनका हिस्सा देने को लेकर सवाल किए। 

 

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क्या बोले ओवैसी?

उन्होंने रैली में Gen-Z युवाओं से पूछा कि क्या वे बदलाव लाने के लिए आगे आएंगे या नहीं। इस पर युवाओं ने जोर-जोर से जवाब देते हुए इंशाअल्लाह कहा। इसके बाद ओवैसी ने युवाओं से पूछा, 'क्या तुम अपनी जिंदगी में कुरान और सुन्नत को अपनाओगे? क्या तुम अपनी मस्जिदों को आबाद रखोगे? क्या तुम अपने मां-बाप की सेवा करोगे? क्या तुम अपनी बहनों को उनका हिस्सा दोगे?' इन सभी सवालों पर युवाओं ने इंशाअल्लाह कहकर अपनी सहमति जताई।

ओवैसी ने दिया अपना उदाहरण

इसके बाद ओवैसी ने पूछा, 'क्या तुम अपनी बीवी की गुलामी करोगे?' इस सवाल पर भीड़ ने हामी भर दी। उन्होंने कहा कि इसमें कोई डरने की बात नहीं है। अच्छा पति वही है, जो अपनी बीवी की गुलामी करता है। इसके बाद ओवैसी ने अपना उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, 'मैं खड़ा हूं तुम्हारे सामने। मेरी दाढ़ी धूप में सफेद नहीं हुई है, बल्कि मेरे घर में रहते हुए सफेद हुई है।'

 

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UCC का विरोध कर रहे ओवैसी

भोपाल में ओवैसी बीजेपी सरकार के UCC लागू करने के प्लान का विरोध करने गए थे। उन्होंने मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और असम में लागू UCC को लेकर आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य मुसलमानों को निशाना बनाना है। उन्होंने कहा कि यह कानून समानता के लिए नहीं बनाया गया, बल्कि हिंदू मैरिज एक्ट और हिंदू डिवोर्स एक्ट जैसे प्रावधानों को गैर-हिंदू समुदायों पर लागू करने के लिए लाया गया है। ओवैसी लगातार इस मुद्दे पर सरकार पर हमला कर रहे हैं।