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वजन कम करने वाली GLP-1 दवाओं की इतनी चर्चा क्यों? डॉक्टर से समझें पूरी बात

सोशल मीडिया, सेलिब्रिटीज और मेडिकल रिसर्च में GLP-1 दवाओं का नाम लगातार सामने आ रहा है। डायबिटीज के लिए बनीं, लेकिन वजन घटाने के लिए इस्तेमाल होने वाली इन दवाओं की आखिर इतनी चर्चा क्यों हो रही है?

GLP-1 One Medicine - Obesity

GLP 1 दवाएं। (Photo Credit- ChatGPT)

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भारत में लगभग 51 करोड़ लोग मोटापे या अधिक वजन की समस्या से जूझ रहे हैं। बड़े ही नहीं, बल्कि कम उम्र के बच्चे भी इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। वजन घटाने के लिए इन दिनों GLP-1 दवाओं का इस्तेमाल बढ़ा है। सोशल मीडिया, सेलिब्रिटीज और मेडिकल रिसर्च में GLP-1 दवाओं का नाम लगातार सामने आ रहा है। कई सेलिब्रिटीज ने भी यह खुले तौर पर कहा है कि उन्होंने वजन कम करने या इसे कंट्रोल में रखने के लिए GLP-1 दवाओं का सहारा लिया है। 

 

खासतौर से ये दवाएं टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के लिए बनाई गई थीं लेकिन, बाद में यह पाया गया कि ये दवाएं बिना ज्यादा मेहनत के तेजी से वजन कम करती हैं, दिल की सेहत भी सुधारती हैं। यही वजह है कि इन दिनों GLP-1 दवाएं दुनियाभर में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।

GLP-1 क्या है, इनमें कौन सी दवाएं आती हैं? 

डॉ. श्वेता बुद्याल, वरिष्ठ सलाहकार, एंडोक्रिनोलॉजी एवं डायबेटोलॉजी, फोर्टिस:-
GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट ऐसी दवाएं हैं, जो शरीर में नेचुरल तरीके से बनने वाले एक हार्मोन की तरह काम करती हैं। ये दवाएं ब्लड शुगर और भूख को कंट्रोल करने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा वैसे तो इन दवाओं को टाइप-2 डायबिटीज़ के इलाज के लिए बनाया गया था। मौजूदा समय में सेमाग्लूटाइड, लिराग्लूटाइड और टिरज़ेपाटाइड जैसी दवाए मोटापे को कंट्रोल या कम करने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। ये दवाएं पाचन को धीमा करती हैं, जिससे भूख कम लगती है। यह इंसुलिन की कार्यक्षमता में सुधार लाती हैं।

वजन घटाने के लिए कुछ मुख्य GLP-1 दवाओं की लिस्ट में वेगोवी (Wegovy), सैक्सेंडा (Saxenda), जेपबाउंड ( Zepbound) और फाउंडायो (Foundayo) शामिल हैं। फाउंडायो को हाल ही में मंजूरी मिली है। ये दवाएं मुख्य रूप से गोली और इंजेक्शन के रूप में मौजूद हैं। इसके अलावा डायबिटीज कंट्रोल के लिए मुख्य रूप से 
ओजेम्पिक (Ozempic), माउनजारो (Mounjaro), ट्रुलिसिटी (Trulicity) और राइबेल्सस (Rybelsus) का इस्तेमाल किया जाता है।  

डॉक्टर ने क्या बताया? 

डॉ. श्वेता बताती हैं कि कई मरीजों में 15 से 25 प्रतिशत तक वजन में कमी देखी गई है। पहले मुख्य रूप से यह बैरिएट्रिक सर्जरी के माध्यम से ही संभव था। वजन कम करने के अलावा ये दवाएं ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, दिल से जुड़े जोखिम कम करने में भी फायदेमंद मानी जाती हैं। इससे फैटी लिवर और स्लीप एपनिया में भी फायदा मिलता है। उन्होंने कहा यह भूख और बार-बार खाने की इच्छा को भी कम करती हैं, जिससे मरीज की जीवनशैली में सुधार आता है।

क्या GLP-1 दवाओं के साइड इफेक्ट भी हैं? 

GLP-1 दवाओं के कई फायदे हैं, लेकिन इनके कुछ साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। इलाज की शुरुआत में कुछ लोगों को मतली, पेट फूलना और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर इस दौरान भरपूर प्रोटीन न लिया जाए और एक्सरसाइज या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग न की जाए, तो वजन के साथ शरीर की मांसपेशियां भी कम हो सकती हैं। इसके अलावा, दवा बंद करने के बाद कई लोगों का वजन दोबारा बढ़ सकता है। इसलिए मोटापे का इलाज सिर्फ दवा से नहीं, बल्कि लंबे समय तक सही खानपान, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की निगरानी के साथ करना जरूरी है।

क्या है डॉक्टर की सलाह?  

सोशल मीडिया पर इन दवाओं की चर्चा खूब हो रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि आजकल कई लोग अच्छे दिखने की चाह या जल्दी वजन कम करने और सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर इन दवाओं का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। लेकिन यह हर किसी के लिए सेफ नहीं है। आपके लिए पहले यह जान लेना जरूरी है कि यह दवा आपके लिए सेफ है या नहीं।

 

ये दवाएं आपके लिए तभी फायदेमंद हो सकती हैं, जब इन्हें डॉक्टर की निगरानी, सही खानपान, एक्सरसाइज और सही इलाज के साथ इसका इस्तेमाल किया जाए। बिना सही सलाह के इनका इस्तेमाल करने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। 

 

इसलिए GLP-1 दवाओं का इस्तेमाल हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही करें। साथ ही इलाज के दौरान नियमित फॉलो-अप कराएं और इन्हें जल्दी वजन घटाने का शॉर्टकट न समझें। लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए दवा के साथ अच्छी जीवनशैली अपनाना भी उतना ही जरूरी है। 

 

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है। GLP-1 दवाओं का इस्तेमाल हमेशा डॉक्टर की सलाह और निगरानी में ही करें। बगैर डॉक्टर की सलाह के खुद से दवा लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। 


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