ईरान ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक जहाज पर हमला किया है। एक बार फिर दुनिया के 20 फीसदी तेल बाजार पर ईरान और अमेरिका के तनाव ने संकट पैदा कर दिया है। अगर टकराव और बढ़ा तो भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में तेल और गैस संकट गहरा जाएगा।
IRGC कहा कि एक जहाज ने अपना सिस्टम बंद कर रखा था और चेतावनी के बावजूद रास्ता नहीं बदल रहा था। उन्हें रोका गया। ईरान ने कहा कि जब तक अमेरिका इस इलाके में हस्तक्षेप बंद नहीं करता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। दुनिया का 20 फीसदी तेल होर्मुज गुजरता है, जिसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई प्रभावित होती है।
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ट्रंप ने ईरान को क्या धमकी दी है?
अमेरिका के राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप
ने कहा है कि अगर ईरान ने कोई गलत हरकत की तो अमेरिका 1000 मिसाइलें दाग देगा। अमेरिका ने ईरान से साफ-साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में सभी जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाए और किसी भी साधारण व्यापारी जहाज पर हमला न किया जाए।
एक हफ्ते में 3 हमलों से दहला ईरान
अमेरिका ने इस हफ्ते तीसरी बार इरान पर हमला किया। IRGC ने साइप्रस से झंडे वाले कंटेनर जहाज पर हमला किया किया था, जिसके बाद जहाज में आग लग गई और इंजन रूम बुरी तरह से तबाह हो गया। क्रू मेंबर लापता है।
पीट हेग्सेथ, यूएस सेक्रेटरी ऑफ वार:-
ईरान ने बहुत गलत फैसला लिया। अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरान को पहले भी चेतावनी दी गई थी और समझौता किया गया था, लेकिन ईरान फिर से वादा तोड़कर जहाज पर हमला कर रहा है
अमेरिका का अगला कदम क्या है?
ईरान के हमले के जवाब में अमेरिका ने तुरंत कार्रवाई की है। अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने बताया कि शनिवार शाम 7:15 बजे ईरान के ठिकानों पर तीसरे दौर के हमले शुरू किए गए। ईरान ने साइप्रस के झंडे वाले जहाज M/V जीएफएस गैलेक्सी पर हमला किया था, जिसमें इंजन रूम को काफी नुकसान पहुंचा और एक क्रू मेंबर लापता है।
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अमेरिका ने ईरान को क्या धमकी दी थी?
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को ही ईरान को अल्टीमेटम दिया था कि ईरानी सरकार सार्वजनिक रूप एलान करे कि होर्मुज स्ट्रेट बिना किसी शर्त के सुरक्षित खुला है, वरना अमेरिका सख्त कदम उठाएगा। ईरान ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया।
संघर्ष विराम समझौते का भविष्य क्या है?
पिछले कुछ दिनों में अमेरिका पहले भी ईरान पर हमले कर चुका है। दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका या उसके सहयोगियों के किसी भी जवाबी हमले पर उनका जवाब बेहद गंभीर होगा। ओमान में दोनों पक्षों के बीच बातचीत भी चल रही थी, लेकिन फिलहाल कोई समाधान नहीं निकला। ईरान ने प्रस्ताव दिया था कि होर्मुज स्ट्रेट को दो लेन में बांटा जाए, एक ओमान और दूसरा ईरान के नियंत्रण में हो। ईरान के प्रस्ताव को अनसुना किया गया तो तनाव बढ़ गया।
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क्यों है अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
दुनिया का 20 फीसदी तेल यहीं से गुजरता है। भारत की निर्भरता इस राह पर ज्यादा है। अगर यह लंबे समय तक बंद रहा तो तेल की कीमतें बहुत बढ़ सकती हैं। पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अभी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका का कहना है कि वे नागरिक जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं, जबकि ईरान इसे अपना क्षेत्रीय अधिकार बता रहा है।