40 से 50 की उम्र के ज्यादातर लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या उन्हें होती है जो मोटापा या डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे होते हैं लेकिन क्या हो अगर खतरा उन लोगों में छिपा हो जो पूरी तरह से स्वस्थ दिखते हैं? इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। स्टडी के मुताबिक 87.3 % भारतीयों में कम से कम एक असामान्य लिपिड पाया गया है जिसे डिस्लिपिडेमिया कहा जाता है।
डिस्लिपिडेमिया ब्लड में पाया जाने वाला एक असंतुलित फैट है। ICMR-INDIAB की स्टडी में पाया गया कि भारत में यह एक साइलेंट महामारी की तरह फैल रही है। इससे भी जरूरी बात यह है कि ये नतीजे उन पुरानी धाराणओं को चुनौती देते हैं कि किस बीमारी से क्या खतरा है?
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डॉक्टर ने बताया क्यों बढ़ रहा है हाई कोलेस्ट्रॉल?
चेन्नई के 'डॉक्टर मोहन डायबिटीज स्पेशलिटीज सेंटर' के चेयरमैन और इस स्टडी के लेखकों में से एक डॉक्टर वी मोहन ने कहा, 'इन नतीजों में पाया गया कि हृदय संबंधी बीमारियां सिर्फ जेनेटिक्स पर ही नहीं बल्कि आपकी रोजाना की आदतों पर भी निर्भर करता है। स्वस्थ रहने के लिए हेल्दी खाएं, रेगुलर ऐक्सरसाइज करें, वजन को नियंत्रित रखें और तंबाकू छोड़ें। इन आदतों को अपना कर हृदय संबंधी बीमारियों से बचे रह सकते हैं। इसके साथ समय पर कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना बहुत जरूरी है।'
उन्होंने आगे कहा, 'भारत में डिस्पिलपिडेमिया की बड़ी वजह कम HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) और अधिक ट्राइग्लिसराइड्स हैं। इस समस्या का मुख्य कारण खराब लाइफस्टाइल है। भारतीयों का भोजन अक्सर कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है। जब आप जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाते हैं तो शरीर में ट्राईग्लिसराइड्स का लेवल बढ़ जाता है जिसके कारण एचडीएल (HDL) का लेवल कम को जाता है। इस वजह से 90% भारतीयों में डिस्लिपिडेमिया में पाया जाता है।
डॉक्टर वी मोहन ने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि आपकी प्लेट का एक चौथाई हिस्सा कार्बोहाइड्रेट, एक चौथाई हिस्सा प्रोटीन और आधे प्लेट में फाइबर वाली हरी सब्जियां और फल होने चाहिए।
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HDL के कम होने से क्या होगा?
ICMR-INDIAB की स्टडी में पाया गया कि असामान्य कोलेस्ट्रॉल शहरों और अमीर लोगों तक सीमित नहीं रह गया है। बल्कि पूरे भारत में तेजी से फैल रहा है। सबसे जरूरी बात कि डिस्लिपिडेमिया का कोई लक्षण नहीं है। खराब कोलेस्ट्रॉल आपके ब्लड वेसल्स में धीरे-धीरे जमा हो रहा है जिसकी वजह से आर्टीज ब्लॉक हो जाती है और भविष्य से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्टडी में पाया गया कि हर 3 में 2 व्यक्ति में एचडीएल का लेवल कम था। एचडीएल गुड कोलस्ट्रॉल को कहा जाता है जो खून की नसों को साफ करके बेड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है। 30 से 39 साल की उम्र में डिस्पिलपिडेमिया पीक पर होता है। महिलाओं में यह समस्या पुरुषों से ज्यादा पाई गई है।