सुबह के नाश्ते में खाते हैं पोहा, बनाने का सही तरीका जानते हैं?
सुबह के नाश्ते में पोहे को हेल्दी माना जाता है। सोशल मीडियार पर कई डाइटिशियन का कहना है कि पोहा हेल्दी नहीं होता है। इसे खाने से ब्लड में शुगर का लेवल एक दम से बढ़ता है।

पोहा, Photo credit: freepik
हम में ज्यादातर लोग अपने सुबह के नाश्ते में पोहा खाते हैं। यह खाने में हल्का होता है और आसानी से पच जाता है। इसे खाने के बाद आपके पेट भी भरा हुआ रहता है। पोहा जलेबी एक फेमस डिश है जिसे लोग खूब पसंद करते हैं। कुछ लोग नाश्ते में पोहा और चाय खाना पसंद करते हैं। यह एक ऐसी डिश है जिसे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सब खाते हैं। कुछ डाइटिशियन इसे हेल्दी मानते हैं और कुछ इसे अनहेल्दी कहते हैं।
हमने इस कंफ्यूजन को दूर करने के लिए न्यूट्रीप्लस की डायरेक्टर और सीनियर क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर अंजलि फाटक से बात की। उनसे जाना कि पोहा खाने के फायदे क्या हैं? इसे किन लोगों को नहीं खाना चाहिए। मार्केट में कितने तरह के पोहे आते हैं?
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पोहा में क्या पोषक तत्व होते हैं?
पोहा चावल से बनता है इसमें कार्बोहाइड्रेट होता है लेकिन धान का हिस्सा होने की वजह सेकॉम्प्लेक्स कार्ब्स ( इस वजह से ब्लड में शुगर का लेवल एक दम से नहीं बढ़ता) होता है। लोग क्या करते हैं पोहा बनाया और उसमें बहुत सारी भुजिया डाल दी तो क्या हो गया पोहा अनहेल्दी हो जाता है। पोहे का अगर वर्जन बदल देते हैं तो हेल्दी हो जाएगा।- सीनियर क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर अंजलि फाटक
पोहे कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्त्रोत है। इसमें प्रोटीन की मात्रा कम होती है, फैट न के बराबर है। आप पोहे में फाइबर की मात्रा को बढ़ाने के लिए मूंगफली, अंकुरित दालें, हरी सब्जियां मिल सकते हैं। इसके अलावा विटामिन बी और मैग्नीशियम की मात्रा कम हो जाती है।
पोहा खाने से एनर्जी आती है। आप इसमें प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए पनीर और हरी सब्जियां ज्यादा मात्रा में डालें। आप एक चौथाई पोहे में 3 चौथाई सब्जी डाले तब जाकर हेल्दी बनेगा
किन लोगों को पोहा खाना चाहिए?
पोहा बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सब खा सकते हैं। ये सभी के लिए फायदेमंद है। बस आपको बहुत अधिक मात्रा में नहीं खाना है। जिन लोगों को शुगर की बीमारी है उन्हें पोहा खाने से परहेज करना चाहिए या फिर कम मात्रा में खाना चाहिए क्योंकि इससे एक दम से ब्लड में शुगर का लेवल नहीं बढ़ता है। मगर जिनका शुगर पहले से ही बढ़ा है, उसे यह और बढ़ा सकता है। डायबिटीज के मरीजों को पोहा में अधिक मात्रा में सब्जियां डालकर खाना चाहिए। इससे उनका शुगर लेवल नियंत्रित रहेगा।
पोहा को आप बटर मिल्क के साथ या पोहा को सूप के साथ लें। इन दोनों चीजों से फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है। ये कॉम्बिनेशन खाने में भी हल्का होता है।
कितने तरह का पोहा होता है?
आप पोहे को पनीर डालकर, सोया डालकर, मिलेट्स डालकर भी बना सकते हैं। बहुत तरह के पोहे बना सकते हैं। पोहा ज्वार, रागी, बाजरे के भी होता है। इसके अलावा लाल चावल और ब्राउन चावल का भी पोहा बनता है। ये सब हेल्दी ऑप्शन है।
सफेद चावल के पोहे से रेड राइस, ब्राउन राइस या मिलेट्स वाला पोहा ज्यादा अच्छा होता है। आप स्प्राउट्स पोहा भी खा सकते हैं। इसमें पोहा की मात्रा कम होनी चाहिए और स्प्राउट्स ज्यादा होना चाहिए। साबूत अनाज, लाल और ब्राउन राइस वाले पोहो को बनाने के लिए आपको थोड़ा पहले भिगोना होता है क्योंकि इसका अनाज मोटा और सख्त होता है।
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पोहा बनाने का तरीका क्या है?
- सबसे पहले आपको पोहा अच्छे से धो लेना है। इसके बाद 10 से 15 मिनट के लिए पोहे को अलग रख दें ताकि पानी सोखकर नरम हो जाए।
- इसके बाद एक कढ़ाई में एक से दो चम्मच तेल गरम कर लें। उसमें राई और कड़ी पत्ता डालें। उसमें थोड़ी सी मूंगफली डालकर हल्का भूनें। उसमें बारीक कटा हुआ प्याज, हरी सब्जियां डालकर अच्छे से नमक, हल्दी डालकर पका लें।
- इसके बाद पोहे को कड़ाही में डालें। सभी चीजों को अच्छे से मिक्स कर लें। उसके बाद नींबू का रस और धनिया पत्ता डालकर मिलाएं।
पोहा खाने का फायदा क्या है?
एनर्जी मिलती है- पोहा में कार्बोहाइड्रेट की अच्छी मात्रा होती है जिससे आपको दिन भर एनर्जी मिलती है। हमेशा सही मात्रा में पोहा खाएं।
वजन कंट्रोल रहता - अगर पोहे में हरी सब्जियां, पनीर डालकर खा रहे हैं तो आपका वजन कंट्रोल में रहेगा। साथ ही शुगर भी नहीं बढ़ता है।
पाचन तंत्र के लिए अच्छा- पोहा खाने में हल्का होता है और आसानी से पच जाता है। इससे पाचन तंत्र मजबूत रहता है।
किन लोगों को पोहा नहीं खाना चाहिए?
जिन लोगों को इंसुलिन रेजिस्टेंस, डायबिटीज, पीसीओएस होता है उन्हें पोहा नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा जिन्हें मोटापे की समस्या रहती है। उन्हें भी नहीं खाना चाहिए। अगर ये लोग पोहा खा रहे हैं तो उसमें पनीर, तोफू, हरी सब्जियां डालकर खाएं।
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अधिक मात्रा में पोहा खाने का नुकसान
ब्लड शुगर बढ़ना- पोहा यानी चिड़वा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज को नहीं खाना चाहिए।
वजन का बढ़ना- पोहा में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है। जब आप उसमें कोई सब्जियां नहीं मिलाते हैं को कैलरी की मात्रा ज्यादा हो जाती है।
एसिडिटी और पेट फूलना- जिन लोगों को पाचन की समस्या रहती है तो ज्यादा पोहा खाने से पेट में ऐंठन, गैस और एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
क्या रोजाना पोहा खाना चाहिए?
रोजाना पोहा नहीं खाना चाहिए क्योंकि उसमें बहुत ज्यादा पोषक तत्व नहीं है। आप उसकी जगह पर मूंग दाल का चीला, बेसन का चीला, मिलेट्स का चीला, ओट्स, उपमा, पनीर की भुर्जी आदि।
क्या एकदम से पोहा खाना बंद कर देना चाहिए?
ऐसा पोहा एक दम से बंद करने से कुछ नहीं होता है। आप पोहे को हेल्दी ऑप्शन के साथ कंट्रोल मात्रा में खाएं। आप पोहे के साथ बटर मिल्क, कैरी का पन्ना, नींबू पानी रख सकते हैं। ये अच्छे और हेल्दी फूड कॉम्बिनेशन है।
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