बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बार फिर गैंगवार की खूनी पटकथा लिखी गई है। शंभू-मंटू गिरोह के कुख्यात शूटर गोविंद शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हत्या मिठनपुरा थाना क्षेत्र स्थित आईकॉन टावर प्लाजा में हुई। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। घटना ऐसे समय हुई है, जब दो दिन बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुजफ्फरपुर दौरे पर आने वाले हैं और इसकी तैयारी चल रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो नकाबपोश अपराधी अपार्टमेंट परिसर में दाखिल हुए और गोविंद शर्मा को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गोविंद को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई गोलियां लगने से उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
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यह घटना रविवार शाम को हुई थी, जब छोटी कल्याणी से अमर सिनेमा हॉल के पास वाली सड़क पर गोविंद को गोली मारी गई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि हमलावर बेहद योजनाबद्ध तरीके से पहुंचे थे और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अपराध जगत का बड़ा नाम था गोविंद शर्मा
मूल रूप से मनियारी थाना क्षेत्र का रहने वाला गोविंद शर्मा मुजफ्फरपुर के अपराध जगत का चर्चित चेहरा माना जाता था। वह शंभू-मंटू गिरोह का भरोसेमंद शूटर बताया जाता था और कई चर्चित आपराधिक मामलों में उसका नाम सामने आ चुका था।
गोविंद शर्मा पर हत्या, रंगदारी और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज थे। पिछले साल पुलिस ने उसे मुसहरी थाना क्षेत्र से अत्याधुनिक विदेशी पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। हालांकि हाल ही में वह जमानत पर जेल से बाहर आया था।
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गोविंद शर्मा का नाम मुजफ्फरपुर के दो चर्चित हत्याकांडों में प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया था। पूर्व मेयर और प्रॉपर्टी कारोबारी समीर कुमार की हत्या का आरोपी गोविंद शर्मा था। साथ ही व्यवसायी आशुतोष सहनी की हत्या में भी गोविंद शर्मा को कथित आरोपी बताया गया था। इन मामलों के कारण वह लंबे समय से पुलिस और जांच एजेंसियों के रडार पर था।
गैंगवार या पुरानी दुश्मनी?
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि हत्या के पीछे गैंगवार, आपसी रंजिश के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। साथ ही हमलावरों की पहचान के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। शहर के कई इलाकों में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही वारदात में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री के वीआईपी कार्यक्रम से ठीक पहले शहर के बीचोंबीच हुई इस हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह अपराधियों ने खुलेआम एक कुख्यात शूटर को निशाना बनाया, उससे यह साफ संकेत मिलता है कि मुजफ्फरपुर में गैंगों के बीच वर्चस्व की लड़ाई अभी भी जारी है।
गोविंद शर्मा की हत्या केवल एक अपराधी की मौत नहीं, बल्कि शहर के अपराध जगत में चल रही पुरानी दुश्मनी और गैंगवार का नया अध्याय मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और उसके नतीजों पर टिकी हैं।