फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले का शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुभारंभ किया। आज से 26 अक्टूबर तक चलने वाले 4 दिवसीय दिवाली मेले में लोगों को देशभर की संस्कृति, हस्तशिल्प, लोक कला और पारंपरिक व्यंजनों की झलक देखने को मिलेगी।
4 दिवसीय मेले का 26 अक्टूबर को समापन होगा। मेले के समापन वाले दिन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल शामिल होंगे। मेले में देश के विभिन्न क्षेत्रों के हस्तशिल्प, हाथ से बने उत्पाद, पारंपरिक कलाकृतियां, घर की सजावट से संबंधित सामान और दिवाली के लिए उपयोगी वस्तुओं की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध होगी।
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कंवर ग्रेवाल देंगे प्रस्तुति
4 दिवसीय मेले में कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देश के अलग-अलग राज्यों से कलाकार यहां पहुंचकर लोकगीत और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। इस बीच प्रसिद्ध सूफी गायक कंवर ग्रेवाल भी अपनी प्रस्तुति देंगे। मेले में हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, से ज्यादा लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
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मेले का उद्देश्य पारंपरिक कला को बढ़ावा देना
मेले में लोग खरीदारी भी कर सकेंगे। यहां आने वाले शिल्पकार कई प्रकार के उत्पाद को बनाएंगे और उसे बेचेंगे। इससे लोग स्वदेशी सामान खरीदेंगे और देशभर की कला और संस्कृति से भी रूबरू हो सकेंगे। मेले का उद्देश्य पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए मंच उपलब्ध कराना भी है।
मेले में आने वाले लोगों को पारंपरिक एवं आकर्षक उत्पाद खरीदने का अवसर मिलेगा। मेले में करीब 300 स्टॉल लगाए गए हैं। मेले में फूड कोर्ट भी बनाया गया है। लोग विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे।
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भारी वाहनों के लिए नो एंट्री
पुलिस की तरफ से भी मेले के मद्देनजर ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। सुबह 7 बजे से लेकर रात 11 बजे तक पाली चौक से सूरजकुंड की ओर, अनखीर चौक तथा प्रहलादपुर दिल्ली बॉर्डर से सूरजकुंड गोल चक्कर की ओर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक दिया गया है।
26 अक्टूबर तक भारी वाहनों की इन रास्तों पर पाबंदी रहेगी। नियम तोड़ने पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। वहीं दूसरी तरफ मेले में आने वाले लोगों के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। मेले में एंट्री निशुल्क होगी, लेकि पार्किंग शुल्क देना होगा।