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डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को कर रहे HIV संक्रमित, प्रयागराज में मची खलबली

प्रयागराज में दोस्ती और डेटिंग के नाम पर सोशल मीडिया को हथियार बनाकर ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस यानी HIV संक्रमण फैलाने का मामला सामने आया है।

Prayagraj HIV cases,

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit-ChatGPT

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां दोस्ती और डेटिंग के नाम पर सोशल मीडिया को हथियार बनाकर ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस यानी HIV संक्रमण फैलाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महज 6 महीने के अंदर ऐसे 12 नए मामले सामने आए हैं। पता चला है कि यहां HIV पॉजिटिव मरीज सोशल साइट के जरिए दोस्ती करते थे फिर असुरक्षित यौन संबंध बनाकर दूसरों को भी संक्रमित कर रहे हैं। 

 

इनमें से ज्यादातर संक्रमित मरीज समलैंगिक लोगों के लिए बने डेटिंग और दोस्ती वाले ऐप्स से जुड़े पाए गए हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि समलैंगिक समुदाय से जुड़े लोगों में शर्म और संकोच ज्यादा होता है, इसी कमजोरी का फायदा उठाकर झूठी हमदर्दी दिखाकर उन्हें असुरक्षित संबंध के जाल में फंसाया जाता है। 

 

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क्या है मामला? 

अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में एचआईवी मरीजों की काउंसलिंग के दौरान यह मामला सामने आया, जिसमें कुछ एचआईवी पॉजिटिव लोग सोशल मीडिया और डेटिंग-फ्रेंडशिप ऐप्स पर पहले भरोसे भरी दोस्ती बनाते हैं। लोन दिलाने या आर्थिक मदद जैसे बहानों से युवाओं को असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने के लिए राजी कर लेते हैं, बिना यह बताए कि वे खुद संक्रमित हैं। 

 

इसकी वजह से पीड़ित को इसकी भनक तब लगती है जब जांच में वह भी एचआईवी पॉजिटिव पाया जाता है। पिछले छह महीनों में ऐसे 12 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि समलैंगिक समुदाय से जुड़े होने की शर्म के चलते ज्यादातर पीड़ित न परिजनों को बताते हैं, न पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं, जिससे बीते तीन साल से यह सिलसिला बेरोकटोक बढ़ता जा रहा है। 

आंकड़े क्या बताते हैं? 

आंकड़ों के मुताबिक, यह समस्या हर साल गंभीर होती जा रही है, साल 2023-24 में 8, 2024-25 में 10 और 2025-26 में 12 मामले दर्ज किए गए, जबकि सिर्फ अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच ही 10 मामले सामने आ चुके हैं। मरीजों की काउंसलिंग में यह पुष्टि हुई है कि ज्यादातर संक्रमित मरीज समलैंगिक डेटिंग व फ्रेंडशिप ऐप से जुड़े पाए गए हैं। 

 

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क्या हैं HIV के आम लक्षण?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बुखार-ठंड लगना, अत्यधिक थकान, गले में खराश, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते और गर्दन में सूजी हुई गांठें HIV के आम लक्षण हैं। आमतौर पर शर्म की वजह से ज्यादातर पीड़ित परिजनों तक बात नहीं पहुंचा पाते और न ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं, जिससे आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। 

 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि समलैंगिक युवाओं को निशाना बनाकर एचआईवी फैलाने का यह खेल पिछले तीन साल से चल रहा है, और इसी वजह से हर साल मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।  

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