हरियाणा में उच्च स्तरीय अधिकारियों की लगातार कमी बढ़ती जा रही है जिसके चलते हरियाणा सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर केंद्र में सेवाएं दे रहे 4 अधिकारियों को वापस भेजने को कहा है। इस पर केंद्र ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन हरियाणा में लगातार वरिष्ठ अधिकारियों की कमी के चलते स्थिति गंभीर होती जा रही है। हरियाणा सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर 1993 बैच के IAS अधिकारी वी उमाशंकर, 1997 बैच के राकेश गुप्ता, 2000 बैच के नितिन कुमार यादव और 2001 बैच के विकास गुप्ता को वापस भेजने को कहा है।
बता दें कि हरियाणा में 226 IAS अधिकारियों की स्वीकृत संख्या है, जबकि वर्तमान में 179 अधिकारी ही हरियाणा में तैनात हैं। 47 पद फिलहाल रिक्त हैं लेकिन उच्च स्तरीय अधिकारियों की सेवानिवृत्तियों के चलते लगातार रिक्त पदों की संख्या बढ़ती जा रही है। हरियाणा सरकार में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी दूसरी बार सेवा विस्तार के बाद 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। फरीदाबाद डिवीजन के कमिश्नर संजय जून भी इस महीने अंत में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
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साथ ही गृह, पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव एवं वित्त विभागों का कार्यभार संभाल रहे सुधीर राजपाल और हिसार डिवीजन की कमिश्नर गीता भारती, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सुधीर राजपाल और अभिलक्ष लिखी भी 30 नवंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 31 जनवरी 2027 को ACS सुमिता मिश्रा रिटायर होंगी।
अधिकारियों को हरियाणा वापस क्यों बुलाना चाहती है सरकार?
इससे पहले मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रहे अरुण कुमार गुप्ता, आईएएस अनीता यादव भी 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो गए थे। प्रधान सचिव का पद भी तब से खाली पड़ा है। इससे पहले डी सुरेश 31 अगस्त को और राजा शेखर 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो गए थे। ऐसे में लगातार सेवानिवृत्ति के चलते उच्च स्तरीय पद खाली हो रहे हैं।
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वी. उमाशंकर संभाल चुके प्रधान सचिव पद
बता दें कि IAS वी. उमाशंकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के करीबी माने जाते हैं। वह सीएम नायब सिंह सैनी और पूर्व सीएम मनोहर लाल के कार्यकाल में 2020 से 2024 तक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रह चुके हैं। फिलहाल वह नवंबर 2024 से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
वहीं पूर्व सीएम मनोहर लाल के समय में वर्ष 2014 से 2018 तक मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव रहे राकेश गुप्ता भी BJP सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों, जैसे मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रमों को देखने के साथ ही हरियाणा में शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण जैसे विभागों में सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वह नवंबर 2022 से राष्ट्रपति सचिवालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात हैं।
वर्ष 2021 से 2024 तक बीजेपी सरकार के प्रमुख कार्यक्रम हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के सीईओ रहे विकास गुप्ता शहरी स्थानीय निकाय और नागरिक उड्डयन विभागों के साथ-साथ हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) में भी कार्यभार संभाल चुके हैं। वर्तमान में वह दिसंबर 2025 से केंद्र के अधीन केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं।
हरियाणा में शिक्षा विभाग व बिजली विभाग में विभिन्न पदों पर रह चुके नितिन कुमार यादव 2021 से 2024 तक चंडीगढ़ प्रशासन में गृह सचिव के रूप में भी रहे हैं। वर्तमान में वह जून 2024 से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात हैं।
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घोटालों में नाम आए, अब बड़ी जिम्मेदारी की संभावना कम?
घोटालों में नाम आने के बाद चर्चाओं में चल रहे IAS अधिकारियों को सरकार में महत्वपूर्ण पद मिलने की संभावना इस समय काफी कम लग रही है। बता दें कि IAS अधिकारी साकेत कुमार, रामकुमार, विनीत गर्ग, मोहम्मद शाइन और पंकज अग्रवाल का नाम 657 करोड़ रुपये के IDFC बैंक घोटाले में आ चुका है। पंकज अग्रवाल इसी फ्रॉड केस में कथित भूमिका के आरोप में जेल में बंद हैं। विनीत गर्ग का नाम इसी केस में सीबीआई की चार्जशीट में है। ऐसे में इन अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना कम हो गई है।