मोबाइल फोन की स्क्रीन को टूटने और खरोंच से बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले टेंपर्ड ग्लास यानी स्क्रीन प्रोटेक्टर को लेकर सरकार ने नया नियम जारी किया है। केंद्र सरकार ने स्क्रीन प्रोटेक्टर को उन उत्पादों की लिस्ट में शामिल किया है जिनके लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का सर्टिफिकेशन जरूरी होगा। ऐसे में आने वाले समय में बाजार में बिकने वाले स्क्रीन गार्ड को तय गुणवत्ता मानकों को पूरा करना होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, 1 अप्रैल 2027 से स्मार्टफोन के लिए बनाए जाने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को भारतीय मानक IS 19348:2025 का पालन करना होगा। नए नियम का असर स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने वाली कंपनियों के साथ इन्हें विदेश से आयात करने वाले कारोबारियों पर भी पड़ेगा। उन्हें अपने उत्पादों की टेस्टिंग और BIS से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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ग्लास की मजबूती से लेकर मोटाई तक होगी जांच
नए BIS मानक में सिर्फ स्क्रीन प्रोटेक्टर के मोबाइल पर फिट होने की बात नहीं है। इसमें ग्लास की मोटाई, आकार, मजबूती और गुणवत्ता जैसी कई चीजों के लिए मानक तय किए गए हैं। इसके साथ ही स्क्रीन प्रोटेक्टर की बनावट और उसकी टेस्टिंग से जुड़ी जरूरतों को भी शामिल किया गया है।
इसके अलावा टेंपर्ड ग्लास में इस्तेमाल होने वाली अलग-अलग परतों की भी जांच होगी। इनमें चिपकने वाली परत, टूटने पर कांच को बिखरने से रोकने वाली फिल्म, फिंगरप्रिंट और तेल के निशान कम करने वाली कोटिंग, एंटी-ग्लेयर फिल्म, ब्लू-लाइट फिल्टर और प्राइवेसी फिल्म जैसी चीजें शामिल हैं।
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ग्राहकों को मिल सकती है गुणवत्ता की बेहतर गारंटी
नए नियम लागू होने के बाद ग्राहकों को स्क्रीन प्रोटेक्टर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता को लेकर ज्यादा भरोसा हो सकता है। अभी बाजार में कई तरह के सस्ते और बिना ब्रांड वाले टेंपर्ड ग्लास मिलते हैं लेकिन इनकी क्वालिटी एक जैसी नहीं होती। अनिवार्य BIS सर्टिफिकेशन से ऐसे उत्पादों की गुणवत्ता पर नजर रखना आसान हो सकता है।
हालांकि, नए नियम का असर स्क्रीन प्रोटेक्टर की कीमत और बाजार में उसकी उपलब्धता पर भी पड़ सकता है। कंपनियों और आयातकों को उत्पाद की टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन पर खर्च करना होगा। इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है और कुछ स्क्रीन प्रोटेक्टर की कीमत बढ़ सकती है।
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कंपनियों को नियमों की तैयारी के लिए समय
सरकार ने कंपनियों, ब्रांड और आयातकों को नए नियमों के लिए तैयारी करने का समय दिया है। इस अवधि में उन्हें BIS से मान्यता प्राप्त संस्थानों में अपने उत्पादों की लैब टेस्टिंग और फैक्ट्री रजिस्ट्रेशन जैसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 1 अप्रैल 2027 से नियम लागू होने के बाद भारतीय बाजार में स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर की बिक्री के लिए तय BIS मानकों का पालन करना जरूरी होगा। इससे निर्माताओं और आयातकों को अपने उत्पादों को नए मानकों के अनुरूप तैयार करना होगा।