देश में पिछले एक दशक में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे और लोगों की पहुंच में काफी विस्तार हुआ है। शिक्षा मंत्रालय के ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) के आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 से 2023-24 के बीच देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 760 से बढ़कर 1,289 हो गई। यानी इस दौरान विश्वविद्यालयों की संख्या में 69.6% (करीब 70 फीसदी) की बढ़ोतरी हुई है। यहां सवाल यह है कि क्या देश में सिर्फ विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ रही है या फिर इन संस्थानों की पढ़ाई और सुविधाओं की गुणवत्ता भी बेहतर हो रही है? क्या ये विश्वविद्यालय राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के तय मानकों पर भी खरे उतर रहे हैं?

 

आपको बता दें कि NAAC का मुख्य काम देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाई की गुणवत्ता को जांचना और उन्हें मान्यता देना है। इसके तहत संस्थानों की पढ़ाई की व्यवस्था, बुनियादी सुविधाएं, रिसर्च, शिक्षकों की योग्यता, प्रशासन और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं का मूल्यांकन किया जाता है।

 

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यूनिवर्सिटी के साथ-साथ कॉलेजों की संख्या भी बढ़ी

देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 2014-15 में 750 थी, जो 2022-23 में बढ़कर 1,213 हो गई। वहीं, 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 1,289 तक पहुंच गई। इसी तरह, 2014-15 में देशभर में 38,498 कॉलेज थे। 2022-23 में इनकी संख्या बढ़कर 46,624 हो गई, जबकि 2023-24 में देश में कुल 48,256 कॉलेज हो गए। वहीं, स्टैंडअलोन संस्थानों की संख्या भी 2014-15 से 2023-24 के बीच बढ़ी है। इस दौरान इनकी संख्या 12,276 से बढ़कर 15,221 हो गई।

कितने विश्वविद्यालय-कॉलेज NAAC मान्यता के बिना चल रहे थे?

संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 8 जुलाई 2023 तक देश में कुल 1,113 विश्वविद्यालय थे। इनमें से सिर्फ 437 विश्वविद्यालयों को ही NAAC से मान्यता मिली थी, जबकि 676 विश्वविद्यालय बिना किसी एक्रीडिटेशन के चल रहे थे। कॉलेजों की स्थिति तो और भी ज्यादा चिंताजनक है। देश के 43,796 कॉलेजों में से सिर्फ 9,335 कॉलेजों को NAAC से मान्यता मिली थी। वहीं, 34,461 कॉलेज बिना किसी एक्रिडिटेशन के चल रहे थे।

 

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कितने विश्वविद्यालय-कॉलेज NAAC का ग्रेड A मिला?

NAAC के ग्रेड के हिसाब से देखें तो 19 मई 2023 तक जिन 430 विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन हुआ था, उनमें 56% यानी 239 विश्वविद्यालयों को ‘A’ ग्रेड मिला। वहीं 40% यानी 174 विश्वविद्यालय ‘B’ और 4% यानी 17 विश्वविद्यालय ‘C’ ग्रेड में रहे। वहीं, मान्यता प्राप्त 9,257 कॉलेजों की बात करें तो इनमें सिर्फ 21% यानी 1,916 कॉलेज ही ‘A’ ग्रेड हासिल कर पाए। 67% यानी 6,196 कॉलेजों को ‘B’ ग्रेड मिला, जबकि 12% यानी 1,145 कॉलेज ‘C’ ग्रेड में रहे।