इस बार ऑस्कर में भारत की तरफ से 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म' की कैटेगरी में दो फिल्में शामिल हुई हैं। एक मराठी फिल्म 'गोंधल' और दूसरी नागालैंड की फिल्म 'आंग' है। खास बात यह है कि 'गोंधल' को फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FII) की तरफ से चुना गया है जबकि 'आंग' खुद से इस कैटेगरी में पहुंची है। ऐसा पहली बार है जब भारत की तरफ से एक ही कैटेगरी में 2 फिल्मों को नॉमिनेशन मिला है।

 

'आंग' की हर तरफ चर्चा हो रही है। लोग इस फिल्म की कहानी के बारे में जानना चाहते हैं। आइए जानते हैं 'आंग' खुद से कैसे ऑस्कर नॉमिनेशन के लिए पहुंची?

 

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ऑस्कर में कैसे पहुंची 'आंग'?

'आंग' नागालैंड की पृष्टिभूमि पर बनी है। इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत पसंद किया गया है। इस फिल्म के निर्देशक थेजा रियो है। निर्देशक के तौर पर यह उनकी डेब्यू फिल्म है। इस फिल्म ने टोरंटो इंटरनेशन फिल्म फेस्टिवल (TIFF) 2026 का प्लेटफॉर्म अवॉर्ड जीता है। इसी अवॉर्ड को जीतने की वजह से आंग सीधा ऑस्कर नॉमिनशन में पहुंच गई।

 

आपको बता दें कि पिछले साल तक ऑस्कर की 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर' कैटेगरी में उन्हीं फिल्मों को मौका मिलता था जिसे देश की तरफ से चुना जाता था लेकिन इस साल मई महीने में एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंसेस के कुछ कैटेगरीज के नियमों में बदलाव किए थे। किसी फिल्म को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी में देश की तरफ से नहीं चुना जाता है लेकिन अगर फिल्म ने बुसान, कान, टोरंटो, वेनिस या सनडांस जैसे बड़े फिल्म फेस्टिवल के टॉप जूरी अवॉर्ड को जीता है तो उन्हें सीधा ऑस्कर में एंट्री मिल सकती है। यह बदलाव 2027 से लागू होगे।

 

एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंसेस ने इस लिस्ट में छह फिल्म फेस्टिवल के प्रतिष्ठित अवॉर्ड को शामिल किया है। जो भी नॉन इंग्लिश फिल्म इन अवॉर्ड्स को जीतेगी। वे सीधा ऑस्कर में एंट्री लेगी।

  • बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टविल का गोल्डन बियर फॉर बेस्ट फिल्म अवॉर्ड
  • बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का बुसान अवॉर्ड
  • कान फिल्म फेस्टविल का पंडोरा अवॉर्ड
  • सनडांस फिल्म फेस्टिवल का वर्ल्ड सिनेमा ग्रैंड जूरी अवॉर्ड
  • टोरंटो फिल्म फेस्टिवल का प्लेटफॉर्म अवॉर्ड
  • वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का गोल्डन लॉयन अवॉर्ड 

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'आंग' की कहानी

फिल्म की कहानी 1960 के दशक के नागालैंड के कोनयाक जनजाति पर आधारित है। फिल्म की कहानी अंग्बा नाम के पूर्व मुख्या और उसके बेटे के इर्द गिर्द घूमती है। इस गांव के सभी लोग बाहर जा रहे हैं और आधुनिकरण को अपना रहे हैं लेकिन ये दोनों उन आखिरी लोगों में शामिल है जो अपनी पुश्तैनी विरासत को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

इस फिल्म के निर्देशक थेजा रियो ने इसी विषय पर 5 साल पहले एक शॉर्ट फिल्म बनाई थी। अब उन्होंने इसी नाम से फीचर फिल्म बनाई है। इस फिल्म में बाफ्टा विजेता डगलस हेंशल भी नजर आए। इस फिल्म का निर्माण निसा बेसो और थेजा रियो ने मिलकर किया है। जंगल बुक स्टूडियो ने इसके इंटरनेशनल सेल्स राइट्स हासिल किए है।